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मनीषा हत्याकांड पर नायब सैनी ने किया बड़ा ऐलान: आरोप लगाने...

Manisha Hatyakand: 13 अगस्त को भिवानी के एक खेत में शिक्षिका मनीषा का शव मिला था। वह 11 अगस्त को स्कूल से लौटने के बाद लापता हो गई थी और नर्सिंग कॉलेज में दाखिले की जानकारी लेने गई थी। परिवार की मांग के बाद 20 अगस्त को हरियाणा सरकार ने इस केस की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने का फैसला लिया।
 
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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को भिवानी की 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा की मौत के मामले पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति कर रहा है, जबकि हमने साफ कहा है कि मनीषा हमारी बेटी थी और उसकी मौत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

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विधानसभा में चर्चा की तैयारी

सीएम सैनी ने यह भी कहा कि सरकार इस मामले पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और उठाए गए हर बिंदु का जवाब देगी। विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन शुक्रवार को विपक्ष ने कानून व्यवस्था को लेकर हंगामा किया था, जिसके चलते कार्यवाही छह बार स्थगित करनी पड़ी। बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। अब इस मामले पर मंगलवार को सदन में विस्तार से चर्चा होगी।

CBI को सौंपी गई जांच

13 अगस्त को भिवानी के एक खेत में शिक्षिका मनीषा का शव मिला था। वह 11 अगस्त को स्कूल से लौटने के बाद लापता हो गई थी और नर्सिंग कॉलेज में दाखिले की जानकारी लेने गई थी। परिवार की मांग के बाद 20 अगस्त को हरियाणा सरकार ने इस केस की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने का फैसला लिया।

पानीपत में CM का बयान

पानीपत में संवाददाताओं से बातचीत में सीएम सैनी ने कहा कि सरकार मनीषा को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच और मेडिकल रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया था कि मनीषा ने किसी दुकान से कीटनाशक खरीदा था और उसके शरीर में कीटनाशक के अंश पाए गए।

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कांग्रेस पर पलटवार

सीएम सैनी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले चुनाव हारने पर EVM को दोष देती थी, फिर संविधान की प्रति लेकर घूमने लगी और अब ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठा रही है। जबकि सच यह है कि उनके कार्यकाल में ही वोट चोरी होती थी, आज चुनाव पूरी तरह पारदर्शी हैं।