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Armenia-Azerbaijan War: यूएस स्पीकर ने की हाल ही मे हुए आर्मेनिया पर हुए हमले की निंदा, अजरबैजान पर लगाया ये गंभीर आरोप

Armenia Azerbaijan War: नैन्सी पेलोसी इस वक्त आर्मेनिया की यात्रा पर हैं। नैन्सी पेलोसी ने अजरबैजान (Azerbaijan) पर अवैध और घातक हमलों का आरोप लगाया, जिसके कारण सीमा पर संघर्ष हुआ। साथ ही कहा कि, "हम उन हमलों की कड़ी निंदा करते हैं।"
 
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Armenia Azerbaijan War: अमेरिका की हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी (Nancy Pelosi) ने आर्मेनिया पर अजरबैजान के हालिया हमलों की निंदा की है।

नैन्सी पेलोसी इस वक्त आर्मेनिया की यात्रा पर हैं। नैन्सी पेलोसी ने अजरबैजान (Azerbaijan) पर अवैध और घातक हमलों का आरोप लगाया, जिसके कारण सीमा पर संघर्ष हुआ। साथ ही कहा कि, "हम उन हमलों की कड़ी निंदा करते हैं।"

पेलोसी ने कहा कि यह स्पष्ट था कि हमले अजरबैजान द्वारा शुरू किए गए थे और इसे रोकना चाहिए। संयुक्त राज्य अमेरिका को अपने प्रभाव का उपयोग आर्मेनिया के लिए समर्थन दिखाने के लिए करना चाहिए। पेलोसी इस सप्ताह के अंत में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के साथ आर्मेनिया (Armenia) की यात्रा पर पहुंची हैं।

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तुरंत संघर्ष विराम का पालन करें- पेलोसी

पेलोसी ने कहा कि राष्ट्रपति बाइडेन आर्मेनिया के प्रबल समर्थक हैं। हम इस हिंसा को रोकने के लिए एक साथ काम करेंगे। हम तुरंत संघर्षविराम चाहते हैं। पेलोसी के कार्यालय ने कहा कि वह 1991 में पूर्व सोवियत संघ से आजादी के बाद से इस देश की यात्रा करने वाली सर्वोच्च रैंकिंग वाली अमेरिकी अधिकारी हैं। पेलोसी ने कहा कि यह यात्रा मानवाधिकारों और प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा और मूल्य का सम्मान करने के बारे में है।

अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच जंग क्यों छिड़ी है?

अजरबैजान और आर्मेनिया (Azerbaijan Armenia) के बीच नागोर्नो-काराबाख (Nagorno Karabakh) को लेकर दशकों से संघर्ष चल रहा है। नागोर्नो-काराबाख आजरबैजान का हिस्सा है, लेकिन यह 1994 में एक अलगाववादी युद्ध समाप्त होने के बाद से आर्मेनिया द्वारा समर्थित बलों के नियंत्रण में है।

बीती 12 सितंबर को विवादित क्षेत्र के पास अजरबैजान (Azerbaijan) और आर्मेनिया (Armenia) के बीच घातक झड़पें हुईं। जिसमें अब तक 200 लोग मारे गए हैं। रूस की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच संघर्षविराम था। आर्मेनिया रूस का करीबी सहयोगी है वहीं अजरबैजान का तुर्की के साथ है। अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच साल 2020 में हुए युद्ध में छह हजार से अधिक लोगों की मौत हुई थी।