HDFC Bank का लोगों को तगड़ा झटका, अब Loan लेना होगा महंगा

देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC बैंक ने इस उम्मीद के विपरीत लोन महंगा कर दिया है। इस फैसले से होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन की EMI पर सीधा असर पड़ेगा।
 

HDFC Bank Loan: अगर आप रिजर्व बैंक की रेपो रेट कटौती को अपनी EMI में राहत के रूप में देख रहे थे तो यह खबर आपको चौंका सकती है। RBI ने रेपो रेट को 6.50% से घटाकर 6.25% कर दिया है, जिससे उम्मीद की जा रही थी कि बैंकों के लोन सस्ते हो जाएंगे। लेकिन देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC बैंक ने इस उम्मीद के विपरीत लोन महंगा कर दिया है। इस फैसले से होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन की EMI पर सीधा असर पड़ेगा।

HDFC बैंक ने MCLR दरों में बढ़ोतरी की

एचडीएफसी बैंक ने कुछ अवधि के लिए मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (MCLR) में 5 बेसिस प्वाइंट्स (0.05%) की बढ़ोतरी की है। यह बदलाव ओवरनाइट लोन अवधि के लिए किया गया है, जबकि अन्य अवधि की MCLR दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नई ब्याज दरें 7 फरवरी 2025 से लागू हो चुकी हैं।

HDFC बैंक के नए MCLR रेट्स (7 फरवरी 2025 से लागू)

अवधि - पुराना MCLR (%) - नया MCLR (%)
ओवरनाइट - 9.15% - 9.20% (बढ़ोतरी)
1 महीना - 9.20% - 9.20% (कोई बदलाव नहीं)
3 महीने - 9.30% - 9.30% (कोई बदलाव नहीं)
6 महीने - 9.40% - 9.40% (कोई बदलाव नहीं)
1 साल - 9.40% - 9.40% (कोई बदलाव नहीं)
2 साल से अधिक - 9.45% - 9.45% (कोई बदलाव नहीं)
3 साल से अधिक - 9.50% - 9.50% (कोई बदलाव नहीं)

कैसे तय होता है MCLR?

बैंक अपने MCLR रेट को तय करने के लिए कई आर्थिक कारकों को ध्यान में रखते हैं। इनमें प्रमुख रूप से डिपॉजिट रेट, रेपो रेट, ऑपरेशनल कॉस्ट और कैश रिजर्व रेशियो (CRR) शामिल होते हैं।

डिपॉजिट रेट – बैंकों को ग्राहकों से लिए गए डिपॉजिट पर कितना ब्याज देना पड़ता है।
रेपो रेट – RBI द्वारा बैंकों को दिए जाने वाले कर्ज की ब्याज दर।
ऑपरेशनल कॉस्ट – बैंक की कुल संचालन लागत।
कैश रिजर्व रेशियो (CRR) – बैंकों को RBI के पास न्यूनतम जमा रखने की जरूरत होती है, जिससे उनकी लोन देने की क्षमता प्रभावित होती है।

EMI पर कैसे पड़ेगा असर?

MCLR में बढ़ोतरी का सीधा असर होम लोन, ऑटो लोन, पर्सनल लोन और बिजनेस लोन पर पड़ेगा। इसका मतलब है कि अगर आपने पहले से लोन लिया हुआ है, तो आपकी EMI बढ़ सकती है। साथ ही, जो ग्राहक नया लोन लेने की योजना बना रहे हैं, उन्हें भी अब महंगी ब्याज दरों पर लोन मिलेगा।

क्या अन्य बैंक भी बढ़ाएंगे दरें?

HDFC बैंक द्वारा MCLR में बढ़ोतरी के बाद, संभावना है कि अन्य निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भी अपने ब्याज दरों की समीक्षा कर सकते हैं। अगर महंगाई और अन्य वित्तीय कारक प्रभावी रहते हैं, तो अन्य बैंक भी अपनी MCLR दरें बढ़ा सकते हैं, जिससे लोन की EMI और महंगी हो सकती है।

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