Shrikant Tyagi: श्रीकांत त्यागी को इस नेता ने दिया था सचिवालय का स्टिकर, पुलिस ने कर दिया नाम का खुलासा
Shrikant Tyagi Car Collection: नोएडा की ग्रैंड ओमैक्स सोसाइटी (Omax Society) में एक महिला के साथ गाली-गलौज और हाथापाई करने के मामले में फरार चले आरोपी गालीबाज नेता श्रीकांत त्यागी (Shrikant Tyagi) को आज नोएडा पुलिस ने मंगलवार को मेरठ से गिरफ्तार कर लिया. इस गिरफ्तारी के बाद त्यागी की एक गाड़ी भी पुलिस के हाथ लगी है जिस पर विधानसभा सचिवालय का स्टीकर लगा हुआ था. दरअसल, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए श्रीकांत त्यागी की पांच गाड़ियों को सीज किया है. जिनमें से एक पर विधायक का स्टीकर लगा हुआ मिला था. वहीं एक अन्य गाड़ी की नंबर प्लेट पर उत्तर प्रदेश सरकार का आधिकारिक लोगो लगा हुआ भी मिला था.
Shrikant Tyagi- the National Executive Member Kisan Morcha & National Co-Coordinator - Yuva Kisan Samiti allegedly caught on camera for threatening a woman resident of Grand Omaxe sector 93B #Noida. pic.twitter.com/QTwAgK94dd
— Utkarsh Singh (@utkarshs88) August 5, 2022
गालीबाज को कैसे मिला स्टीकर?
पुलिस आयुक्त आलोक सिंह ने बताया कि आरोपी ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया है कि उसकी गाड़ी पर जो विधानसभा सचिवालय का स्टीकर लगा था, वो स्टीकर स्वामी प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने उसे दिया था. आलोक सिंह के मुताबिक पुलिस की 12 टीमों ने लगातार पीछा कर आरोपी को धर दबोचा. आलोक सिंह ने बताया कि एक सूचना के आधार पर नोएडा पुलिस ने त्यागी को मेरठ से तड़के गिरफ्तार किया. उसके साथ मौजूद चार अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है.
Shrikant Tyagi- the National Executive Member Kisan Morcha & National Co-Coordinator - Yuva Kisan Samiti allegedly caught on camera for threatening a woman resident of Grand Omaxe sector 93B #Noida. pic.twitter.com/QTwAgK94dd
— Utkarsh Singh (@utkarshs88) August 5, 2022
आरोपी ने मानी अपनी गलती
हालांकि त्यागी ने स्वीकार किया कि उसने आक्रोश में ऐसा किया. महिला के प्रति उसका व्यवहार ठीक नहीं था. श्रीकांत ने अपनी गलती मानी है. उसे नोएडा पुलिस का खौफ था, जिसकी वजह से वो भाग रहा था.
सोशल मीडिया से मुद्दे को मिला तूल
बता दें कि 5 अगस्त को महिला से गाली-गलौज करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. जिसके तूल पकड़ते हुए पुलिस ने केस दर्ज किया था. इसके बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था. पुलिस ने उस पर गैंगस्टर की कार्रवाई कर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया था.
कारों का VIP नंबर रखता था त्यागी
पुलिस आयुक्त ने बताया कि त्यागी के हर वाहन और इसके डिवाइस को लगातार ट्रैक किया जा रहा था. इसके पास जो वाहन मिले हैं, उन सभी का नंबर 0001 है. नंबर खरीदने के लिए इसने 1 लाख रुपये कीमत दी है.