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योगी सरकार की ग्रामीणों को सौगात, आमजन पर बोझ न पड़े, ये कदम उठाएगी सरकार।

योगी सरकार की ग्रामीणों को सौगात, आमजन पर बोझ न पड़े, ये कदम उठाएगी सरकार। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए एक बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। सरकार ने तय किया है कि ग्रामीण इलाकों में विकास कार्यों के लिए आम जनता पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा। इसके लिए सरकार विशेष योजनाएं और सब्सिडी प्रदान करेगी, ताकि ग्रामीणों को कम से कम खर्च पर अधिक से अधिक सुविधा मिल सके। जानिए, इस कदम से ग्रामीणों को कैसे फायदा होगा, नीचे देखें पूरी जानकारी।

 
योगी सरकार की ग्रामीणों को सौगात, ये कदम उठाएगी सरकार।
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Haryana update : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के ग्रामीणों को एक बड़ी राहत देते हुए ‘जल जीवन मिशन’ के तहत हर घर नल योजना में सामुदायिक अंशदान का वहन अब सरकार द्वारा करने का फैसला लिया है। पहले यह तय किया गया था कि हर घर तक नल पहुंचाने के लिए पूंजी लागत का 10 फीसदी भाग सामुदायिक अंशदान के रूप में ग्रामीणों से लिया जाएगा, लेकिन अब योगी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि यह बोझ आमजन पर न पड़े। सरकार ने इस कदम से राज्य के लगभग 2.33 करोड़ परिवारों को बड़ी राहत दी है, और यह कदम राज्य के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है।

जल जीवन मिशन के तहत 40951 योजनाएं स्वीकृत:
उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत कुल 40,951 योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन योजनाओं का कुल कार्य लागत 1,52,521.82 करोड़ रुपये है, जिसमें से केंद्र और राज्य सरकार का योगदान समान रूप से 71,714.68 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, राज्य का सामुदायिक अंशदान 9,092.42 करोड़ रुपये होता है। इस योजना के तहत 2024-25 वित्तीय वर्ष में 2,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिससे राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि ग्रामीणों को कोई वित्तीय बोझ न उठाना पड़े।

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हर घर नल योजना के तहत बदलाव:
इस योजना के तहत, उत्तर प्रदेश की ग्रामीण आबादी को शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पहले इस योजना में सामुदायिक अंशदान का प्रावधान था, जिसमें एससी/एसटी आबादी वाले गांवों में पूंजीगत लागत का 5 फीसदी और अन्य गांवों में 10 फीसदी भाग ग्रामीणों से लिया जाता था। लेकिन योगी सरकार ने इसे लोक कल्याणकारी दायित्व मानते हुए इसे अब सरकार द्वारा वहन करने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य यह है कि कोई भी ग्रामीण इस योजना से वंचित न रहे और प्रत्येक परिवार को स्वच्छ पानी मिले।

ग्रामीणों से सिर्फ रखरखाव के लिए लिया जाएगा शुल्क:
अब, ग्रामीणों को सामुदायिक अंशदान नहीं देना होगा। केवल जल जीवन मिशन के तहत चल रहे नल कनेक्शन के रखरखाव के लिए हर परिवार से मात्र 50 रुपये (वाटर टैरिफ कलेक्शन) ग्राम पंचायत को देने होंगे। इससे ग्रामीणों को पेयजल की सुविधा पर किसी भी प्रकार का वित्तीय दबाव नहीं पड़ेगा और सरकार की यह पहल राज्य के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

प्रगति की स्थिति:
उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के तहत नल कनेक्शन की स्थिति भी उत्साहजनक रही है। बुंदेलखंड क्षेत्र में इस योजना के तहत काफी प्रगति हुई है, जहां महोबा, झांसी, ललितपुर, चित्रकूट, बांदा, जालौन, हमीरपुर जैसे जिलों में नल कनेक्शन की संख्या काफी बढ़ गई है। उदाहरण के तौर पर, महोबा जिले में लगभग 1,39,621 परिवारों को नल कनेक्शन मिल चुका है, जो कि कुल परिवारों का 99.71 प्रतिशत है। इसी तरह, चित्रकूट में 99.83 प्रतिशत परिवारों को जलापूर्ति हो रही है।

विंध्य क्षेत्र में भी सुधार:
विंध्य क्षेत्र में भी जल जीवन मिशन के तहत नल कनेक्शन के कार्य में तेजी आई है। मीरजापुर में 98.34 प्रतिशत परिवारों को जलापूर्ति मिल रही है, जबकि सोनभद्र में 80.83 प्रतिशत कनेक्शन पूरे हो चुके हैं। यह आंकड़े इस बात को दर्शाते हैं कि सरकार के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति की सुविधा तेजी से उपलब्ध हो रही है।

योगी सरकार की सशक्त पहल:
नमामि गंगे और जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव, अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि राज्य के ग्रामीणों पर किसी भी प्रकार का वित्तीय बोझ न पड़े। जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए इस फैसले से सरकार का संकल्प मजबूत होता है। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक वित्तीय व्यवस्था की गई है और आगामी समय में इसका और अधिक विस्तार किया जाएगा।

राज्य सरकार की यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी एक आदर्श बन सकती है।
वर्तमान में कुछ अन्य राज्यों जैसे हरियाणा, बिहार, ओडिसा और पश्चिम बंगाल में भी राज्य सरकारें सामुदायिक अंशदान वहन कर रही हैं, और राजस्थान में मुख्यमंत्री ने इसे राज्य सरकार द्वारा वहन करने की घोषणा की है। वहीं, मध्य प्रदेश में इस विषय पर विचार विमर्श चल रहा है  इस फैसले से यूपी सरकार ने न केवल राज्य के ग्रामीणों को राहत दी है, बल्कि यह उनके जीवन स्तर को भी बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का यह प्रयास जल आपूर्ति की गुणवत्ता और समग्र ग्रामीण विकास के लिए एक नया मानक स्थापित करेगा।