Unified Pension Scheme: 1 अप्रैल 2025 से लागू, जानिए किसे मिलेगा लाभ और कितनी पेंशन
Unified Pension Scheme: यूनिफाइड पेंशन स्कीम 1 अप्रैल 2025 से लागू होने जा रही है, जिससे लाखों कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। इस स्कीम के तहत पेंशन राशि और पात्रता के नए नियम लागू होंगे। सरकार ने इसे सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए पेश किया है। अगर आप भी इसका लाभ लेना चाहते हैं, तो जानिए किन लोगों को फायदा मिलेगा और कितनी पेंशन तय की गई है। नीचे पढ़ें पूरी जानकारी।
Feb 16, 2025, 13:23 IST
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Haryana update : केंद्र सरकार ने 24 जनवरी 2025 को यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) की आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह नई योजना नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के विकल्प के तौर पर लाई गई है और इसे 1 अप्रैल 2025 से लागू किया जाएगा। सरकार ने यह योजना खासतौर पर उन केंद्रीय कर्मचारियों के लिए पेश की है, जो पहले से NPS के तहत रजिस्टर्ड हैं। इन कर्मचारियों को अब NPS या UPS में से किसी एक योजना को चुनने का विकल्प मिलेगा।
यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) क्या है?
यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को एक निश्चित पेंशन का प्रावधान किया गया है।
- कर्मचारी को उसके पिछले 12 महीनों की औसत बेसिक सैलरी का 50% पेंशन के रूप में मिलेगा।
- इस योजना का लाभ उठाने के लिए कम से कम 25 साल की सरकारी सेवा पूरी करनी होगी।
- यदि कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को उसकी बेसिक पेंशन का 60% हिस्सा मिलेगा।
- न्यूनतम गारंटीड पेंशन का भी प्रावधान किया गया है, जिसके तहत 10 साल की सर्विस पूरी करने वाले कर्मचारियों को कम से कम ₹10,000 मासिक पेंशन मिलेगी।
- पेंशन में महंगाई भत्ते (DA) के आधार पर समय-समय पर बढ़ोतरी की जाएगी। महंगाई भत्ता बढ़ाने का आधार अखिल भारतीय औद्योगिक श्रमिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-W) होगा।
- सेवानिवृत्ति के समय एकमुश्त राशि (Lump sum) भी प्रदान की जाएगी।
इस योजना का लाभ किसे मिलेगा?
- UPS केवल उन केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों पर लागू होगी, जो वर्तमान में NPS के अंतर्गत आते हैं और UPS का विकल्प चुनते हैं।
- यदि कोई कर्मचारी UPS चुनता है, तो वह किसी अन्य पेंशन योजना, वित्तीय लाभ या नीति परिवर्तन का हकदार नहीं होगा।
- सरकार के अनुमान के मुताबिक, इस योजना से लगभग 23 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
सरकार का योगदान कितना होगा?
- वर्तमान में NPS के तहत कर्मचारी अपने मूल वेतन का 10% योगदान करते हैं, जबकि सरकार 14% योगदान देती है।
- UPS लागू होने के बाद सरकार का योगदान बढ़कर 18.5% हो जाएगा।
- इससे सरकारी खजाने पर सालाना ₹6,250 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
यूनिफाइड पेंशन स्कीम क्यों शुरू की गई?
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर कर्मचारियों की लगातार बढ़ती मांग और विरोध को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह नई पेंशन योजना लागू करने का फैसला किया।
- OPS के तहत सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके अंतिम वेतन का 50% पेंशन के रूप में दिया जाता था, जबकि NPS में पेंशन की कोई गारंटी नहीं थी।
- UPS के जरिए सरकार ने NPS और OPS के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है, ताकि कर्मचारियों को एक निश्चित और सुरक्षित पेंशन मिले।
UPS का क्या असर होगा?
सरकार की यह नई पेंशन योजना लाखों कर्मचारियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। UPS लागू होने से NPS की अनिश्चितता खत्म होगी और कर्मचारियों को एक निश्चित पेंशन का भरोसा मिलेगा। इससे केंद्र सरकार के कर्मचारियों की भविष्य की वित्तीय सुरक्षा मजबूत होगी और वे रिटायरमेंट के बाद बिना किसी चिंता के जीवन व्यतीत कर सकेंगे।