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सरसों तेल महंगा हुआ, कम आवक से बढ़े रेट, जानिए नई कीमतें

सरसों तेल की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी हो गई है! कम आवक और सप्लाई की कमी के कारण सरसों तेल के रेट में इज़ाफा हुआ है। नई कीमतें पहले के मुकाबले ज्यादा हो गई हैं, जो आम जनता पर असर डाल सकती हैं। जानिए, अब सरसों तेल की नई कीमतें क्या हैं और इसके पीछे की वजह क्या है। इससे आपके बजट पर क्या असर पड़ सकता है, जानें पूरी जानकारी।

 
सरसों तेल महंगा हुआ, कम आवक से बढ़े रेट, जानिए नई कीमतें
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Haryana update : हाल ही में तेल-तिलहन बाजार में कई बदलाव हुए हैं, जहां शिकागो एक्सचेंज में मजबूती और मंडियों में कम आवक के कारण कीमतों में सुधार देखने को मिला है। हालांकि, कुछ तिलहन जैसे सूरजमुखी और सोयाबीन की कीमतें अभी भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम हैं।

तेल-तिलहन के भाव:

  • सरसों तिलहन: ₹6,575 से ₹6,625 प्रति क्विंटल
  • मूंगफली: ₹5,750 से ₹6,075 प्रति क्विंटल
  • सरसों तेल दादरी: ₹13,750 प्रति क्विंटल
  • तिल तेल मिल डिलिवरी: ₹18,900 से ₹21,000 प्रति क्विंटल
  • सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी (दिल्ली): ₹13,450 प्रति क्विंटल
  • सीपीओ एक्स-कांडला: ₹13,000 प्रति क्विंटल
  • पामोलिन आरबीडी, दिल्ली: ₹14,200 प्रति क्विंटल
  • सोयाबीन दाना: ₹4,225 से ₹4,275 प्रति क्विंटल
  • मक्का खल (सरिस्का): ₹4,100 प्रति क्विंटल

प्रमुख बदलाव:

  1. मूंगफली तेल में सुधार हुआ, लेकिन यह अभी भी पिछले साल के मुकाबले कम है।
  2. पाम और पामोलीन तेल की कीमतों में भी सुधार हुआ, लेकिन उनकी मांग कम होने के कारण यह सिर्फ कीमतों में वृद्धि का असर है।
  3. सोयाबीन तेल के मूल्य में वृद्धि हुई है, जिससे पाम और सोयाबीन तेल का मूल्य अंतर घटकर ₹4-5 प्रति किलो रह गया है।

मूंगफली खली और सोयाबीन डी-आयल्ड केक:

  • मूंगफली खली का मूल्य ₹2,450 से ₹2,500 प्रति क्विंटल हो गया, जो पिछले वर्ष ₹3,500 प्रति क्विंटल था।
  • सोयाबीन डी-आयल्ड केक का मूल्य ₹2,950 से ₹3,000 प्रति क्विंटल हो गया।

बाजार सूत्रों के अनुसार, शिकागो एक्सचेंज में हुई तेज वृद्धि ने विभिन्न तेल-तिलहन के बाजार पर असर डाला, लेकिन कुछ उत्पादों की कीमतों में वृद्धि का असर सीमित रहा।