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Property Knowledge : पैतृक संपत्ति को लेकर जरूर जान लें ये बात

Property Knowledge : आज की इस खबर में हम आपको संपत्ति से जुड़ी कुछ खास बातें बताएंगे पैतृक संपत्ति को अपने नाम करवाना क्यों जरूरी है अगर आप भी यह बात जानना चाहते हैं और पैतृक संपत्ति से जुड़ी खास बातें जानना चाहते हैं तो नीचे जानिए पूरी डिटेल

 
Property Knowledge : पैतृक संपत्ति को लेकर जरूर जान लें ये बात 
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Haryana Update : Virasat में मिली Property को Kanuni रूप से अपने नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया विवाद की आशंका पर निर्भर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अचल Property के मालिक की मृत्यु के बाद, Kanuni उत्तराधिकारियों के लिए इसे अपने नाम कराना आवश्यक है।

इससे Property के मालिकाना हक को स्पष्ट किया जा सकता है। इस प्रक्रिया में उचित दस्तावेजों, गवाहों और Kanuni प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी है। 

Property हस्तांतरण की यह प्रक्रिया- 

आपको बता दें कि Property हस्तांतरण की यह प्रक्रिया सिर्फ पंजीकरण मात्र से नहीं हो जाती। इसके लिए आपको दाखिल खारिज भी कराना पड़ता है। तभी आपका मालिकाना हक पूरा होता है। यह संपत्ति, Kanuni उत्तराधिकारियों की संख्या और अन्य वजहों पर निर्भर करता है कि इसके लिए क्या प्रक्रिया होगी। 

ऐसे कराएं Property अपने नाम-

पैतृक Property को अपने नाम करने के लिए, Property पर अधिकार और उत्तराधिकार का सबूत प्रस्तुत करना होता है। कोई वसीयत होने से प्रक्रिया आसान हो जाती है, लेकिन यदि वसीयत Kanuni प्रक्रिया के खिलाफ है, तो उसे कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। Property Virasat में प्राप्त होने से पहले किसी को मालिकाना हक नहीं दे सकता है। उत्तराधिकार Kanun लागू होता है अगर Property Virasat में प्राप्त है।

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वसीयत न होने पर समस्याएं ज्यादा-

अगर कोई वसीयत नहीं है तो सबसे बेहतर होता है कि Kanuni उत्तराधिकारी आपस में सहमति से इसका बंटवारा कर लें। लॉ फर्म सिंह एंड एसोसिएट्स के संस्थापक साझेदार मनोज के. सिंह का कहना है कि परिवार के बीच हुए इस बंटवारे को फैमिली सेटलमेंट  की तरह सब रजिस्ट्रार के कार्यालय में पंजीकृत कराना जरूरी है। इसके लिए Property के मालिकाना हक संबंधी Documents होना जरूरी है। 

 वसीयत न होने पर हलफनामा दें-

वसीयत न होने पर एक हलफनामा तैयार कराना होगा, जिसमें सभी Kanuni वारिस या उत्तराधिकारियों का अनापत्ति प्रमाणपत्र होना जरूरी है। अगर आपने अचल Property के सेटलमेंट के लिए किसी उत्तराधिकारी को कोई नकदी दी है तो उसका उल्लेख भी ट्रांसफर Documents में जरूर करें। 


Property पर होम लोन है तो चुकाना होगा-

अगर जो Property आपके नाम होने जा रही है, उसे पर कोई होम लोन है तो आपको बाकी का पैसा चुकाना होगा। बकाये का भुगतान होते ही बैंक लोन क्लियरेंस सर्टिफिकेट के साथ आपको Property से जुड़े मूल Documents दे देता है। हालांकि अगर मृतक ने होम लोन इंश्योरेंस ले रखा है तो इसकी जरूरत नहीं पड़ती। 


दाखिल-खारिज भी कराना चाहिए-

Property के पंजीकरण के बाद उसका दाखिल-खारिज भी कराना चाहिए। यह राजस्व विभाग के आंकड़ों में किसी अचल Property का एक नाम से दूसरे नाम पर ट्रांसफर को दर्ज कराने के लिए आवश्यक है। Property टैक्स के भुगतान के लिए भी यह जरूरी है। साथ ही उस Property के साथ पानी, बिजली जैसे कनेक्शन भी दूसरे के नाम जुड़े होते हैं, उनके लिए भी दाखिल-खारिज आपके नाम होनी चाहिए। इसके लिए अपने नगर या पंचायत निकाय से संपर्क करें। हर राज्य में दाखिल-खारिज का शुल्क भी अलग-अलग होता है।

 Property lease पर है तो शर्तों का पालन जरूरी-

Property lease पर देने के मामले में, lease देने वाले व्यक्ति को lease के अनुसार Kanuni दायित्वों का पालन करना होता है। यदि कोई Kanuni उत्तराधिकारी lease को जारी रखना चाहता है, तो उन्हें lease लेने वाले के साथ एक नया करार करना होता है ताकि lease के सभी नियम और शर्तें अद्यतन हो सकें।