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पीएम स्वनिधि योजना से 4.5 लाख को मिला लोन, चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए।

पीएम स्वनिधि योजना से 4.5 लाख को मिला लोन, चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत अब तक 4.5 लाख से ज्यादा छोटे व्यापारियों को लोन मिल चुका है। इस योजना का उद्देश्य शहरों और गांवों में काम करने वाले छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट वेंडर्स को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। यह योजना उनके व्यापार को बढ़ाने में मदद कर रही है। जानिए, इस योजना से कितने व्यापारियों को लाभ हुआ और इसके फायदे, नीचे देखें पूरी जानकारी।

 
पीएम स्वनिधि योजना से 4.5 लाख को मिला लोन, चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए।
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Haryana update : पीएम स्वनिधि योजना, जो 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई थी, का उद्देश्य शहरी रेहड़ी-पटरी वालों को वित्तीय सहायता प्रदान करना था, ताकि वे अपनी आजीविका फिर से शुरू कर सकें और अपने व्यवसाय को बढ़ा सकें। इस योजना के तहत, कर्जदारों को पहले 10,000 रुपये, फिर 20,000 रुपये का लोन मिलता है, और अगर वे इसे चुकाते हैं, तो उन्हें 50,000 रुपये तक का लोन मिलने का अवसर मिलता है।

लोन चुकाने में देरी

इस योजना ने व्यवसायियों को लोन देकर उन्हें राहत दी, लेकिन तीसरे लोन की अदायगी में धीमी गति चिंता का कारण बन रही है। आंकड़ों के अनुसार, 50,000 रुपये के तीसरे लोन की अदायगी में भारी कमी आई है। साढ़े चार लाख से अधिक कर्जदारों में से सिर्फ 773 ने ही पूरी तरह से लोन चुकाया है। हालांकि, पहले और दूसरे लोन की अदायगी की दर अच्छी रही है, जिसमें करीब 70 से 80 फीसदी लोन चुकाए जा चुके हैं।

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ब्याज अनुदान और किस्तों में भुगतान

इस योजना के तहत कर्जदारों को 7 फीसदी की दर से ब्याज अनुदान दिया जाता है, और उन्हें एक साल के भीतर किस्तों में लोन चुकाना होता है। शहरी मामलों के मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि तीसरे लोन की अदायगी की धीमी गति में कुछ भी असामान्य नहीं है, क्योंकि यह तीसरा लोन तब दिया जाता है जब आवेदक पहले दो लोन चुका चुके होते हैं।

लोन भुगतान का आंकड़ा

दिसंबर 2024 तक, 94.31 लाख लोन में से 40.36 लाख लोन का भुगतान किया जा चुका है। हालांकि, एक या दो किस्त चुकाने वालों की संख्या अधिक है। शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू के अनुसार, इस योजना के तहत कर्ज देने वाली एजेंसियों और कंपनियों के खिलाफ अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है।

योजना का उद्देश्य और लाभ

पीएम स्वनिधि योजना का मुख्य उद्देश्य कोविड-19 के बाद शहरी रेहड़ी-पटरी वालों को व्यवसाय फिर से शुरू करने या विस्तार करने में मदद करना था। बिना किसी जमानत के 50,000 रुपये तक का लोन मिलना, एक बड़ा कदम है जिससे छोटे व्यापारियों को वित्तीय सहायता मिल रही है, लेकिन अब चुनौती यह है कि लोग अपने लोन की अदायगी में थोड़ी तेजी लाएं।