मोदी सरकार की किसानों के लिए बड़ी सौगात: मिलेगी DAP खाद पर विशेष सब्सिडी
मोदी सरकार ने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब किसानों को DAP (Di-Ammonium Phosphate) खाद पर विशेष सब्सिडी मिलेगी, जिससे उनके कृषि खर्चों में कमी आएगी। यह कदम खेती की लागत को कम करने और किसानों को सस्ती दरों पर खाद उपलब्ध कराने के लिए उठाया गया है। इससे किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी और कृषि उत्पादन में सुधार होगा। जानिए, इस योजना का लाभ कैसे मिलेगा, नीचे देखें पूरी जानकारी।
Haryana update : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली सरकार ने नए साल पर किसानों को एक अहम तोहफा दिया है। सरकार ने डाय-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) खाद के लिए 3,850 करोड़ रुपये तक के एकमुश्त विशेष पैकेज का विस्तार करने का एलान किया है। इस पैकेज का उद्देश्य किसानों को सस्ती दरों पर डीएपी खाद की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना है। यह निर्णय आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में लिया गया था और जनवरी से दिसंबर 2025 तक लागू रहेगा।
क्या अब सस्ती होगी डीएपी खाद?
हालांकि, इस विशेष पैकेज के तहत डीएपी खाद की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन यह खाद की कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी को रोकने में मदद करेगा। फिलहाल, डीएपी की 50 किलो की एक बोरी का दाम 1,350 रुपये है। सरकार का उद्देश्य खाद की कीमतों को स्थिर रखना है, ताकि किसानों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। वैश्विक बाजार की अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव की वजह से खाद की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, और सरकार एकमुश्त सब्सिडी से इसे नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है।
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खाद की कीमतों में उतार-चढ़ाव का कारण
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, वैश्विक खाद आपूर्ति में अस्थिरता के कारण खाद की कीमतों में उतार-चढ़ाव हो रहा है। एक प्रमुख कारण हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर के रास्ते पर हमले हैं, जिसके चलते जहाजों को अब केप ऑफ गुड होप के रास्ते से गुजरना पड़ता है। इससे खाद आयात की लागत बढ़ रही है, और इसका असर कीमतों पर पड़ रहा है। मंत्री ने चेतावनी दी कि अगर वैश्विक अस्थिरता जारी रहती है, तो खाद की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।
सरकार की सब्सिडी में बढ़ोतरी का आंकड़ा
2014 से 2023 तक, प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने खाद पर 1.9 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है। यह राशि 2004-2014 के बीच दी गई सब्सिडी से दोगुनी से अधिक है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस तरह की सब्सिडी बढ़ोतरी से किसानों पर वैश्विक बाजार की अस्थिरता का बोझ नहीं पड़ेगा। इसके अलावा, फसल बीमा योजना के तहत, 2023-24 में 4 करोड़ किसानों का बीमा भी किया गया है, जिससे किसानों को सुरक्षा और राहत मिल रही है।
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मोदी सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए डीएपी खाद पर विशेष सब्सिडी का एलान किया है, जिससे खाद की कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होगी। यह कदम सरकार के प्रयासों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य किसानों को सस्ती कीमतों पर खाद की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना है। हालांकि, खाद की वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव की वजह से यह राहत कुछ हद तक सीमित हो सकती है, लेकिन सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए अतिरिक्त उपायों की योजना बनाई है।