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Haryana News: हरियाणा में इन सरकारी कर्मचारियों की नौकरी पर मंडराया खतरा, जाने वजह ?

Haryana News : हरियाणा के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है! राज्य सरकार ने कुछ विभागों में कर्मचारियों की समीक्षा शुरू कर दी है, जिससे कई कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन, अनुशासनहीनता और फर्जी दस्तावेज के मामलों की जांच की जा रही है। यदि रिपोर्ट नकारात्मक आती है, तो कार्रवाई संभव है। अगर आप भी सरकारी कर्मचारी हैं, तो नीचे जानें पूरी डिटेल।
 
 
Haryana News: हरियाणा में इन सरकारी कर्मचारियों की नौकरी पर मंडराया खतरा, जाने वजह ?
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Haryana update : हरियाणा सरकार ने सरकारी विभागों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कड़ा फैसला लिया है। काम में लापरवाही बरतने वाले सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति (Compulsory Retirement) की तलवार लटक गई है। इस संबंध में सभी सरकारी विभागों में समीक्षा कमेटियां गठित की जाएंगी, जो यह तय करेंगी कि किन कर्मचारियों को जबरन रिटायरमेंट दिया जाए।

सभी विभागों में गठित होंगी समीक्षा कमेटियां

  • मुख्य सचिव डॉ. विवेक जोशी ने हाल ही में एक उच्च स्तरीय बैठक में निर्देश दिए हैं कि 50 वर्ष से अधिक उम्र के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के काम की समीक्षा की जाएगी।
  • जिन कर्मचारियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया जाएगा या जो अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह होंगे, उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी।
  • इसके अलावा, बोर्ड और निगमों में भी ऐसी ही समीक्षा कमेटियों का गठन किया जाएगा।

लिटिगेशन पॉलिसी होगी तैयार

मुख्य सचिव ने बताया कि सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों से जुड़े मामलों में कमी लाने के लिए जल्द ही "लिटिगेशन पॉलिसी" तैयार की जाएगी। इस पॉलिसी के लागू होने से

  • कर्मचारियों से जुड़े कानूनी विवाद कम होंगे।
  • सरकारी कामकाज की गति तेज होगी।
  • समय पर कार्य पूरा न करने वालों पर सख्त कार्रवाई संभव होगी।

पहले भी हुआ था पॉलिसी में संशोधन

हरियाणा सरकार ने साल 2019 में 50 साल से अधिक उम्र के कर्मचारियों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति से संबंधित नियमों में संशोधन किया था। यह संशोधन पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल में किया गया था, ताकि

  • सरकारी विभागों में काम करने की संस्कृति में सुधार लाया जा सके।
  • कुशल और योग्य कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जा सके।
  • काम में रुचि न लेने वाले या लापरवाही बरतने वालों को सेवा से हटाया जा सके।

क्या होगा असर?

 कामकाज की गुणवत्ता में सुधार होगा – लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्ती से सरकार का कामकाज तेज होगा।
 सरकारी विभागों में जवाबदेही बढ़ेगी – कर्मचारी और अधिकारी समय पर और सही तरीके से कार्य करेंगे।
 निष्क्रिय कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा – सरकारी दफ्तरों में वर्षों से निष्क्रिय पड़े कर्मचारियों पर सख्ती होगी।

सरकार का यह कदम कार्यक्षमता में सुधार लाने और सरकारी विभागों की कार्यशैली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।