Home Loan : खुशखबरी! ब्याज दरों में गिरावट, 6 बड़े बैंकों ने किया होम लोन सस्ता
क्या होता है RLLR?
रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) वह दर होती है, जिस पर बैंक अपने ग्राहकों को लोन प्रदान करते हैं। यह सीधे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के रेपो रेट से जुड़ी होती है। जब RBI अपने रेपो रेट में बदलाव करता है, तो RLLR भी उसी के अनुसार घटता या बढ़ता है।
होम लोन लेने वाले ज्यादातर ग्राहक फ्लोटिंग रेट पर लोन लेते हैं, जो RLLR से लिंक्ड होता है। RLLR में कटौती होने का मतलब है कि ग्राहकों की EMI घट सकती है या वे अपनी लोन अवधि को कम करा सकते हैं, जिससे कुल ब्याज भुगतान कम होगा।
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किन बैंकों ने घटाई ब्याज दरें?
1. पंजाब नेशनल बैंक (PNB)
PNB ने अपनी RLLR को 9.25% से घटाकर 9.00% कर दिया है। यह नई दर 10 फरवरी 2025 से लागू होगी। इससे बैंक के ग्राहकों को होम लोन सस्ता मिलेगा।
2. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने भी अपनी RLLR को 9.25% से घटाकर 9.00% कर दिया है। यह 11 फरवरी 2025 से प्रभावी होगी। इससे नए लोन लेने वालों को ब्याज दर में राहत मिलेगी।
3. बैंक ऑफ बड़ौदा
बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी RLLR को 8.90% कर दिया है। यह 10 फरवरी से लागू होगी। इससे नए और मौजूदा ग्राहकों को सीधा लाभ मिलेगा।
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4. बैंक ऑफ इंडिया
बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी RLLR को 9.35% से घटाकर 9.10% कर दिया है। यह नई दर 7 फरवरी से लागू हो गई है। इससे मौजूदा और नए ग्राहकों की EMI में कमी आएगी।
5. केनरा बैंक
केनरा बैंक ने अपनी RLLR को 9.25% से घटाकर 9.00% कर दिया है। यह नई दर 12 फरवरी से लागू होगी। यह कटौती उन खातों पर लागू होगी, जो 12 फरवरी 2025 के बाद खोले गए हैं।
6. इंडियन ओवरसीज बैंक
इंडियन ओवरसीज बैंक ने अपनी RLLR में 25 बेसिस प्वाइंट (0.25%) की कटौती की है। इसके बाद यह 9.35% से घटकर 9.10% हो गई है। यह बदलाव 11 फरवरी से प्रभावी होगा।
ग्राहकों को क्या फायदा होगा?
देश के प्रमुख बैंकों द्वारा RLLR में की गई कटौती से नए होम लोन लेना सस्ता हो जाएगा। जो ग्राहक पहले से ही होम लोन ले चुके हैं, उनकी EMI कम हो सकती है। ग्राहक चाहें तो EMI कम कराने के बजाय अपने लोन की अवधि को कम करा सकते हैं, जिससे कुल ब्याज भुगतान घट जाएगा।
कैसे मिलेगा लाभ?
- नई ब्याज दरें 7 से 12 फरवरी के बीच लागू होंगी, इसलिए ग्राहक इस दौरान होम लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- मौजूदा ग्राहक बैंक से संपर्क करके EMI कम करने या लोन की अवधि घटाने का विकल्प चुन सकते हैं।
- बैंकों के इस फैसले से उन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जो फ्लोटिंग रेट पर होम लोन लिए हुए हैं।
क्या है फ्लोटिंग रेट का फायदा?
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फ्लोटिंग रेट का मतलब है कि जब भी बैंक अपनी RLLR को घटाएंगे, तो आपकी ब्याज दर अपने आप कम हो जाएगी, जिससे EMI भी कम होगी। हालांकि, अगर भविष्य में बैंक RLLR बढ़ाते हैं, तो ब्याज दर भी बढ़ सकती है।
होम लोन लेने की सोच रहे लोगों के लिए अच्छा मौका
जो लोग नया होम लोन लेने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह एक सुनहरा अवसर है। ब्याज दरों में कमी होने के कारण वे अब कम ब्याज दरों पर लोन ले सकते हैं, जिससे उन्हें कम EMI चुकानी होगी और कुल ब्याज भुगतान भी घट जाएगा।
RBI की ओर से रेपो रेट में कटौती और बैंकों द्वारा RLLR में कमी का सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा। अगर आप घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह समय आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।