हरियाणा के कच्चे कर्मचारियों को राहत, सरकार ने दिया लंबे समय से मांग किया निर्णय

कर्मचारियों की मांग और सरकार का निर्णय
कच्चे कर्मचारियों ने सरकार से यह आग्रह किया था कि 240 दिन काम करने की शर्त की गणना कैलेंडर वर्ष के बजाय 1 वर्ष की संविदा सेवा अवधि के वास्तविक दिनों के आधार पर की जाए। यानी, यदि किसी कर्मचारी की नियुक्ति एक निश्चित तारीख को हुई है, तो उसका 1 वर्ष उसी तारीख को समाप्त होगा, और उसकी सेवा की गणना उसी आधार पर की जाएगी। इससे कर्मचारियों को सेवा के पहले साल में होने वाली समस्याओं से राहत मिलती, खासकर उन कर्मचारियों को जो मई और दिसंबर के बीच नियुक्त होते हैं।
पहले की समस्याएं और सरकार का समाधान
पहले यदि कोई कर्मचारी मई और दिसंबर के बीच नियुक्त होता था, तो उसके रोजगार के पहले साल के सेवा दिनों की पूरी तरह से गणना नहीं की जाती थी। यह कर्मचारियों के लिए काफी समस्या उत्पन्न करता था, क्योंकि उनकी सेवा की गणना अधूरी रहती थी और इससे उनके भविष्य पर असर पड़ता था। इस पर सरकार ने ध्यान दिया और 5 साल पुराने कच्चे कर्मचारियों की सेवाओं को रिटायरमेंट एज तक सुनिश्चित करने के लिए कैलेंडर ईयर में 240 दिन काम करने की शर्त को हटा दिया।
सरकार की ओर से दी गई राहत
अब, इस बदलाव के बाद, कच्चे कर्मचारियों को 240 दिन काम करने की शर्त के बिना अपनी सेवाओं की पूरी गणना करने का अवसर मिलेगा। यह कदम कच्चे कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा, क्योंकि अब उनके सेवा संबंधी अधिकारों की गणना और उनकी स्थायिता में कोई दिक्कत नहीं आएगी। इसके अलावा, सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि 5 साल पुराने कच्चे कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति तक उनकी सेवाएं दी जाएंगी, जिससे वे अपनी नौकरी में स्थिरता महसूस करेंगे।
हरियाणा सरकार द्वारा कच्चे कर्मचारियों को दी गई इस राहत से उनके जीवन में स्थिरता आएगी। अब कर्मचारियों को अपनी सेवा की पूरी अवधि सुनिश्चित करने का मौका मिलेगा, जिससे वे अपनी भविष्य की योजनाओं को लेकर आत्मविश्वास महसूस करेंगे। यह कदम कर्मचारियों के लिए एक सकारात्मक बदलाव होगा और राज्य सरकार की ओर से कर्मचारियों की भलाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।