logo

Gurugram : GMDA की पहल! दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जलभराव की समस्या होगी खत्म

Gurugram : गुरुग्राम में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जलभराव की समस्या से जल्द राहत मिलने वाली है। GMDA ने इसके समाधान के लिए नई योजना बनाई है, जिसमें आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम और जल निकासी सुविधाओं को अपग्रेड किया जाएगा। इस पहल से बारिश के दौरान हाईवे पर जलभराव की समस्या खत्म होगी और यातायात सुचारू रहेगा। परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। जानें पूरी डिटेल, नीचे पढ़ें पूरी खबर।
 
 
Gurugram : GMDA की पहल! दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जलभराव की समस्या होगी खत्म
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Haryana update : गुरुग्राम। वाहन चालकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) पर बरसात के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या का समाधान अब दूर नहीं है। हालांकि, आगामी मानसून सीजन में तो अभी राहत नहीं मिलेगी, लेकिन जुलाई 2026 तक यह समस्या पूरी तरह खत्म हो सकती है। गुरुग्राम मेट्रो डिवेलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) इस समस्या के समाधान के लिए तेजी से काम कर रही है। इसके तहत निर्माणाधीन लेग चार ड्रेन का लगभग 40% काम पूरा हो चुका है।

105 करोड़ रुपये की लागत से बन रही है लेग चार ड्रेन

GMDA के अधिकारियों के अनुसार, वाटिका चौक से दिल्ली-जयपुर हाईवे तक 5.2 किलोमीटर लंबी लेग चार ड्रेन का निर्माण कार्य जारी है। इस परियोजना पर कुल 105 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निर्माण कार्य की रफ्तार को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि दिसंबर 2025 तक यह ड्रेन पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगी।

GMDA अधिकारियों का कहना है कि इस ड्रेन के निर्माण से सिर्फ दिल्ली-जयपुर हाईवे पर ही नहीं, बल्कि गुरुग्राम के कई नए सेक्टरों में भी जलभराव की समस्या खत्म हो जाएगी। इसके अलावा, शहर के विभिन्न सेक्टरों में भी बरसाती नालों का निर्माण किया जा रहा है, ताकि उन्हें इस लेग चार ड्रेन से जोड़ा जा सके। इससे शहर के कई इलाकों में पानी की निकासी बेहतर होगी और बारिश के मौसम में होने वाली परेशानियों से लोगों को राहत मिलेगी।

वर्षों पुरानी समस्या का होगा समाधान

दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जलभराव की समस्या कोई नई नहीं है। पिछले कई वर्षों से बरसात के दौरान यहां बड़ी समस्या उत्पन्न होती रही है। खासतौर पर नरसिंहपुर इलाके में बरसात के दिनों में हाईवे पर पानी भर जाता है, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित होता है। इतना ही नहीं, यहां स्थित कंपनियों और औद्योगिक परिसरों में भी जलभराव हो जाता है, जिससे कारोबारियों और कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

GMDA के अधिकारियों का कहना है कि इस बार की जा रही ड्रेनेज व्यवस्था से समस्या का स्थायी समाधान मिलेगा। ड्रेन बनने के बाद बारिश के पानी की निकासी सुचारू रूप से होगी, जिससे न सिर्फ यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि कंपनियों और आसपास के इलाकों में जलभराव की परेशानी भी खत्म होगी।

गुरुग्राम के अन्य इलाकों में भी सुधार

GMDA सिर्फ हाईवे ही नहीं, बल्कि गुरुग्राम के अन्य हिस्सों में भी जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए बड़े कदम उठा रहा है। शहर के कई इलाकों में नई सड़कें बनाई जा रही हैं और पुरानी सड़कों की मरम्मत का काम भी तेजी से हो रहा है। साथ ही, बरसाती नालों और सीवर लाइनों को बेहतर करने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम किया जा रहा है।

कब तक मिलेगा हाईवे पर राहत?

हालांकि, इस मानसून सीजन में वाहन चालकों को अभी भी थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन 2026 तक यह समस्या पूरी तरह समाप्त होने की उम्मीद है। GMDA का लक्ष्य दिसंबर 2025 तक लेग चार ड्रेन का निर्माण पूरा करना है। इसके बाद हाईवे पर जलभराव से राहत मिलने लगेगी।

सरकार और प्रशासन की पहल

सरकार और स्थानीय प्रशासन ने भी इस समस्या को गंभीरता से लिया है। GMDA इस परियोजना पर लगातार निगरानी बनाए हुए है और इसे तय समय सीमा में पूरा करने के लिए ठोस कदम उठा रहा है। जलभराव की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।

लोगों को होगी बड़ी राहत

इस परियोजना के पूरा होने से दिल्ली-जयपुर हाईवे पर यात्रा करने वाले लाखों लोगों को फायदा होगा। जलभराव के कारण लगने वाले लंबे जाम से छुटकारा मिलेगा और सड़क पर दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होगा। इसके अलावा, आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को भी इस परियोजना से राहत मिलेगी, क्योंकि जलभराव के कारण उन्हें भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

गुरुग्राम में जलभराव की समस्या को खत्म करने के लिए GMDA तेजी से काम कर रहा है। 105 करोड़ रुपये की लागत से बन रही लेग चार ड्रेन का 40% काम पूरा हो चुका है, और दिसंबर 2025 तक इसे पूरी तरह से तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद जुलाई 2026 से दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जलभराव की समस्या से पूरी तरह छुटकारा मिलने की उम्मीद है। सरकार और प्रशासन इस परियोजना पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, जिससे वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।