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Good news : राजमिस्त्री की बेटी पूजा ने तोड़ा नेशनल रिकॉर्ड, गोल्ड जीता और बनाई नई मिसाल

Good news : राजमिस्त्री की बेटी पूजा ने शानदार उपलब्धि हासिल की है! उन्होंने नेशनल रिकॉर्ड तोड़ते हुए गोल्ड मेडल जीता और नई मिसाल कायम की। पूजा ने अपनी मेहनत और संघर्ष से यह साबित कर दिया कि किसी भी पृष्ठभूमि से कोई भी बड़ा सपना देख सकता है। उनकी इस सफलता ने न केवल परिवार का नाम रोशन किया, बल्कि हर लड़की के लिए प्रेरणा का काम किया। नीचे जानें पूरी डिटेल।
 
 
Good news : राजमिस्त्री की बेटी पूजा ने तोड़ा नेशनल रिकॉर्ड, गोल्ड जीता और बनाई नई मिसाल
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Haryana update : हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गांव बोसती की पूजा ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत और हौसले से कोई भी बाधा सफलता के रास्ते में नहीं आ सकती। पूजा ने उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में अपनी शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए हाई जंप प्रतियोगिता में 1.84 मीटर की छलांग लगाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया। इस प्रतियोगिता में तमिलनाडु की गोबिका ने 1.79 मीटर की छलांग के साथ रजत पदक हासिल किया, जबकि फतेहाबाद की रेखा ने 1.77 मीटर की छलांग के साथ कांस्य पदक जीता।

कोच ने किया समर्थन, गांव में ही शुरू की स्पोर्ट्स अकादमी

पूजा वर्तमान में गांव पारता की स्पोर्ट्स अकादमी में प्रैक्टिस कर रही हैं। उनके कोच बलवान पारता ने बताया कि पूजा एक राजमिस्त्री की बेटी हैं और उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर अपने जिले और राज्य का नाम रोशन किया है।

कोच ने अपने गांव के नाम पर स्पोर्ट्स अकादमी स्थापित की है, जहां बच्चों को रोजाना सुबह और शाम कड़ी ट्रेनिंग दी जाती है। हालांकि, सरकार से कोई विशेष सहायता न मिलने के बावजूद इस अकादमी में बेहतरीन खिलाड़ी तैयार किए जा रहे हैं। पूजा भी यहीं पर रोजाना मेहनत करती हैं और अपनी कड़ी ट्रेनिंग से अपनी क्षमता को निखार रही हैं। कोच का कहना है कि सरकार को खिलाड़ियों के लिए अधिक सहायता प्रदान करनी चाहिए।

नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक और ओलंपिक का लक्ष्य

पूजा ने बताया कि 18 जनवरी से शुरू हुए नेशनल गेम्स में उन्होंने हिस्सा लिया और 12 फरवरी को हाई जंप प्रतियोगिता में नया रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण पदक जीता। इससे पहले यह रिकॉर्ड पश्चिम बंगाल की स्वप्ना बर्मन के नाम था। पूजा का कहना है कि वह सरकारी स्कूल में ट्रेनिंग करती हैं और रोजाना कम से कम 8 घंटे मैदान में अभ्यास करती हैं।

पूजा अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच और माता-पिता को देती हैं, लेकिन वह सरकार से अपील करती हैं कि उन्हें जल्द से जल्द कैश प्राइज दिया जाए ताकि वह एशियन गेम्स की तैयारी में जुट सकें। उनका अगला लक्ष्य अब ओलंपिक में पदक जीतना है।

पूजा ने अपनी मेहनत और समर्पण से यह साबित कर दिया कि किसी भी मुश्किल का सामना करते हुए लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उनकी यह सफलता न सिर्फ उनके लिए, बल्कि हरियाणा राज्य और भारत के लिए गर्व की बात है। उनकी कड़ी मेहनत और ओलंपिक में पदक जीतने का सपना उन्हें और अधिक प्रेरित करता है।