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गोल्ड या पर्सनल लोन? म्यूचुअल फंड का करे सही इस्तेमाल

Loan Against Mutual Fund : इक्विटी म्यूचुअल फंड के मामले में, आपको स्कीम की कुल वैल्यू का 50% तक लोन प्राप्त करने का अवसर है। वहीं, डेट फंड के लिए यह अवसर 80% तक की राशि का लोन प्राप्त करने की संभावना है।
 
 
Haryana Update

Haryana Update, Loan Against Mutual Fund : म्यूचुअल फंड में निवेश करने का रुझान निरंतर बढ़ रहा है। लोगों को आकर्षक रिटर्न और शेयर बाजार के बारे में बढ़ती जागरूकता ने म् यूचुअल फंड में निवेश करने का मौका दिया है। लेकिन निवेशक अक्सर अपनी इक्विटी म्यूचुअल फंड यूनिट को बेच देते हैं जब उन्हें पैसे की अचानक आवश्यकता होती है। इसलिए वे अक्सर लॉन्ग टर्म लक्ष्यों को नहीं पाते और इक्विटी से उचित रिटर्न नहीं कमा पाते। अगर एक म् यूचुअल फंड इनवेस् टर लोन लेता है, तो वह अपनी कंपनियों को बेचने की बजाए अधिक फायदे में रहता है। लगभग सभी बैंक और एनबीएफसी लोन देते हैं। यह लोन अधिक आसानी से मिलता है और पर्सनल और गोल्ड लोन से कम ब्याज दर देता है।

स्थायी धन लोन लेने के दो लाभ हैं। पहले, आपको अपने उपकरणों को पुनः तैयार नहीं करना होगा। नतीजतन, आप अपने निवेश पर लगातार रिटर्न प्राप्त करते हैं। दूसरा, आपको कम ब्याज पर जल्दी पैसे मिलते हैं, जिससे आपको आपातकालीन आवश्यकताओं के लिए धन मिलता है।

कौन से फंड पर लोन लेना सही?
लाइव मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, वैल्थ लेडर डायरेक्ट के फाउंडर श्रीधरन एस ने कहा कि निजी ऋण लेना बिल्कुल अच्छा नहीं है। इक्विटी फंड यूनिट्स को कुल वैल्यू का पचास प्रतिशत लोन मिलता है। वहीं डेट फंड में 80 प्रतिशत तक लोन मिल सकता है। श्रीधरन कहते हैं कि डेट फंड पर लोन लेने में कोई नुकसान नहीं है, लेकिन इक्विटी फंड पर लोन लेने में कोई नुकसान नहीं है। इसका कारण यह है कि डेट फंड पर लोन का ब्याज इस फंड से मिलने वाले रिटर्न से अधिक है। डेट फंड पर लोन लेने पर ब्याज 9% प्रति वर्ष शुरू होता है, जबकि डेट फंड का रिटर्न लगभग 7% है।

लोन राशि और ब्‍याज
लोन राशि और ब्याज इक्विटी म्यूचुअल फंड के मामले में, आपको स्कीम की वैल्यू की पचास प्रतिशत तक लोन मिल सकता है। वहीं डेट फंड में 80% लोन मिल सकता है। ज्यादातर म्यूचुअल फंड के बदले लिए जाने वाले लोन की अवधि बारह महीने है। आप इससे 10,000 रुपये से लेकर एक करोड़ रुपये तक लोन ले सकते हैं।

लोन की ब्याज दर आपके क्रेडिट स्कोर पर निर्भर करती है। इस लोन पर आमतौर पर 9 से 10 फीसदी ब्याज मिलता है। मिरे एसेट फाइनेंशियल सर्विसेज वर्तमान में निजी फंड लोन को 9 प्रतिशत प्रति वर्ष दे रहा है। बैंकबाजार डॉट कॉम के अनुसार, एक्सिस बैंक 10.50 प्रतिशत से शुरू करता है। पर्सनल लोन में, एचडीएफसी बैंक 10.50 से 16.09% तक, आईसीआईसीआई बैंक 10.50 से 16.09% तक और एक्सिस बैंक 10.49 से 22.09% तक प्रति वर्ष ब्याज दे रहा है। गोल्ड लोन की ब्याज दर भी अधिकांश बैंकों में 10% से शुरू होती है।

बाजार में गिरावट पर कराना होगा टॉप-अप
बाजार में गिरावट के दौरान टॉप-अप म्यूचुअल फंड लोन का एक बड़ा नुकसान यह है कि आपको शेयर बाजार में तेज गिरावट की स्थिति में टॉप-अप लाना होगा। यानी लेंडर आपसे इक्विटी म्यूचुअल फंडों के मूल्य में गिरावट के अनुपात में धन जमा करने को कहते हैं। इसलिए म्यूचुअल फंड पर लोन लेते समय आपको बाजार की हालत भी देखनी चाहिए।

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