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Delhi Katra Expressway : पहुंचने मे लगेगा कम समय, जल्द पूरा होगा कार्य

दिल्ली से कटरा तक यात्रा करना अब और भी आसान होगा! दिल्ली कटरा एक्सप्रेसवे का काम तेजी से चल रहा है, जिससे इस रूट पर यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। जल्द ही यह एक्सप्रेसवे पूरा होगा, और यात्री दिल्ली से कटरा तक जल्दी पहुंच सकेंगे। जानिए इस परियोजना से जुड़ी अहम जानकारी और इसके पूरा होने का अनुमान।

 
 Delhi Katra Expressway : पहुंचने मे लगेगा कम समय, जल्द पूरा होगा कार्य
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HARYANA UPDATE : दिल्ली को अमृतसर और कटरा से जोड़ने के लिए बन रहे एक्सप्रेसवे पर काम जारी है, और यह प्रोजेक्ट एक बार फिर सुर्खियों में है। इस एक्सप्रेसवे की लंबाई 650 किलोमीटर निर्धारित की गई है, जो दिल्ली, पंजाब और जम्मू के प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ने में मदद करेगा। इस प्रोजेक्ट को शुरू हुए आठ साल हो चुके हैं, लेकिन अभी तक यह फोर-लेन हाईवे का रूप नहीं ले सका है। इस हाईवे का उद्देश्य जम्मू के उत्तर में स्थित कटरा को दिल्ली के पास झज्जर जिले के जसोर खेड़ी से जोड़ना था, लेकिन देरी और कई मुद्दों के कारण इस प्रोजेक्ट की प्रगति धीमी रही है।

प्रोजेक्ट में देरी और बढ़ती लागत

इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत के साथ ही कुछ प्रमुख समस्याओं का सामना करना पड़ा है, जिनमें प्रमुख है काम की देरी और लागत का बढ़ना। पहले जहां इस हाईवे की कुल लागत 25 हजार करोड़ रुपये थी, अब यह बढ़कर 35,406 करोड़ रुपये हो गई है। इन बढ़ती लागतों के कारण भी इस परियोजना पर सवाल उठने लगे हैं।

एक्सप्रेसवे के निर्माण में दो प्रमुख तरीके अपनाए गए हैं। कुछ हिस्सों में पहले से मौजूद सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है, जबकि कुछ हिस्सों में नई सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। हालांकि, इन दोनों विधियों के बावजूद इस प्रोजेक्ट में कोई विशेष प्रगति नहीं हुई है।

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भूमि अधिग्रहण की समस्या

दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा मुद्दा भूमि अधिग्रहण से जुड़ा हुआ है। इस प्रोजेक्ट के तहत 17 हिस्सों और 3 छोटी सड़कों का निर्माण होना है, लेकिन भूमि अधिग्रहण में समस्याओं के कारण इन हिस्सों पर काम पूरी तरह से शुरू नहीं हो पाया है। खासतौर पर, किसानों के द्वारा अपनी ज़मीन देने में असमर्थता और मुआवजा की कमी के कारण यह प्रक्रिया अत्यधिक धीमी हो गई है। कई किसानों का कहना है कि उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है, जिसके चलते वे अपनी जमीन देने के लिए तैयार नहीं हैं।

दिवाली के बाद शुरू होगा एक्सप्रेसवे

हालांकि, हरियाणा में सोनीपत से पंजाब बॉर्डर तक का हिस्सा पहले ही तैयार हो चुका है और काम तेजी से चल रहा है। यह हिस्सा करीब 113 किलोमीटर लंबा होगा और दिवाली के बाद इसके शुरू होने की संभावना है। इस एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद, दिल्ली से कटरा और अमृतसर के बीच यात्रा करना बहुत आसान हो जाएगा।

एनएचएआई द्वारा तैयार किया जा रहा दिल्ली-अमृतसर-कटरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण अब तेज़ी से जारी है। इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 669 किलोमीटर होगी, जिसमें हरियाणा के कुछ प्रमुख हिस्सों को जोड़ने वाली सड़कें भी शामिल हैं। इसके साथ ही, एक्सप्रेसवे की यात्रा समय में भी कमी आएगी, जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी।

हरियाणा में एक्सप्रेसवे का मार्ग

हरियाणा के कई प्रमुख जिले, जैसे सोनीपत, रोहतक, झज्जर, जिंद, कैथल, और अन्य महत्वपूर्ण स्थान इस एक्सप्रेसवे से जुड़े होंगे। विशेष रूप से, सोनीपत से पंजाब बॉर्डर तक का निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। इसके अलावा, इस एक्सप्रेसवे का रास्ता लहकन माजरा और गोहाना, रोहतक के हसनगढ़, सांपला-खरखौदा, झज्जर जिले के जसौर खीरी, जिंद और असंध, और कैथल-नरवाना-पात्रा जैसे इलाकों से होकर गुजरेगा।

आखिरी विचार

इस एक्सप्रेसवे का निर्माण अंततः भारतीय सड़क परिवहन के नेटवर्क को मजबूत करेगा और दिल्ली, अमृतसर, और कटरा के बीच यात्रा को बहुत सुगम बनाएगा। हालांकि, भूमि अधिग्रहण, बढ़ती लागत, और निर्माण कार्य में देरी जैसी चुनौतियां इस प्रोजेक्ट को समय पर पूरा होने से रोक रही हैं। फिर भी, यदि यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाता है, तो यह भारतीय परिवहन प्रणाली में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।