Ambala Airport: अंबाला शहरवासियों के लिए खुशखबरी, एयरपोर्ट को लेकर आई बड़ी अपडेट
हवाई अड्डे के संचालन को लेकर बड़े फैसले
मंत्री अनिल विज ने जानकारी दी कि उन्होंने आरसीएस-उड़ान योजना के तहत अंबाला सिविल एन्क्लेव के संचालन और वहां से उड़ान सेवाएं शुरू करने के संबंध में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु को 11 नवंबर 2024 और 1 जनवरी 2025 को पत्र लिखे थे।
इन पत्रों के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने हरियाणा सरकार को सूचित किया कि वर्तमान में नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा बीसीएएस (Bureau of Civil Aviation Security) सुरक्षा मंजूरी और अन्य दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया जारी है। इसके पूरा होने के बाद हवाई अड्डे से उड़ान सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी।
उड़ान सेवाओं को लेकर आगे की योजना
मंत्री विज ने बताया कि फ्लाईबिग एयरलाइंस द्वारा आरसीएस उड़ानों का संचालन किया जाएगा। इसके अलावा, उड़ान 5.4 योजना के तहत अंबाला-लखनऊ-अंबाला मार्ग सहित कई अन्य पूर्व निर्धारित रूटों पर उड़ानों के संचालन के लिए निविदाएं मंगाई गई थीं।
जेटविंग्स एयरलाइंस ने इस रूट के लिए अपना प्रस्ताव प्रस्तुत किया है, जिसे सरकार द्वारा मूल्यांकन किया जा रहा है। विज ने कहा कि एयरलाइंस कंपनियां अपने यातायात और वाणिज्यिक व्यवहार्यता के आधार पर विशेष मार्गों का चयन कर सकती हैं और आवश्यकतानुसार उड़ान सेवाओं का संचालन कर सकती हैं।
एयरपोर्ट के संचालन से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाएं
मंत्री ने यह भी बताया कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने संचालन और प्रबंधन समझौते को मंजूरी के लिए हरियाणा सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग को भेज दिया है। इस समझौते को अंतिम रूप देने के बाद अंबाला हवाई अड्डे का पूर्ण रूप से संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
हरियाणा सरकार का लक्ष्य और संभावित लाभ
अंबाला में नागरिक हवाई अड्डे के निर्माण और इसके संचालन से न केवल राज्य के नागरिकों को बेहतर हवाई यातायात सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि इससे व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस नई योजना के तहत, यात्रियों को अंबाला से श्रीनगर और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों तक सीधी उड़ान सेवाएं मिलेंगी, जिससे उनके समय की बचत होगी और यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।
इसके अलावा, हवाई अड्डे का विस्तार क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी योगदान देगा। इससे नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय व्यवसायों को लाभ होगा। हरियाणा सरकार इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है, ताकि जल्द से जल्द नागरिकों को इसका लाभ मिल सके।