Hisar Airport से अप्रैल में उड़ान भरेंगी फ्लाइट्स, DGCA टीम का निरीक्षण
इस निरीक्षण के दौरान सुरक्षा, रनवे, रनवे लाइटिंग, बाउंड्री वॉल और सेफ्टी के सभी आवश्यक मानकों की सख्त जांच की जाती है।
DGCA की टीम निरीक्षण कर रही है
DGCA की छह लोगों की टीम हिसार एयरपोर्ट जा रही है। इस टीम में दो DGCA सदस्य और चार BCAS सदस्य हैं। टीम एयरपोर्ट का लाइसेंस देने से पहले सभी आवश्यक मापदंडों को गहनता से देख रही है। 7200 एकड़ का महाराजा अग्रसेन हिसार एयरपोर्ट हरियाणा का प्रमुख हवाई अड्डा बनने जा रहा है।
सुरक्षित मानकों को पूरा करने के बाद लाइसेंस मिलेगा
एयरपोर्ट को लाइसेंस देने से पहले DGCA के सभी सुरक्षा मानकों को पूरा करना होगा। वर्तमान में नाइट सेवाओं में सुरक्षा और सुरक्षा प्रणाली (SIS) को लागू करना बाकी है। जब तक यह प्रणाली स्थापित नहीं हो जाती। तब तक हवाई जहाजों को रात में लैंडिंग की अनुमति नहीं होगी।
5 प्रमुख शहरों में फ्लाइट सेवा
DGCA से लाइसेंस मिलने पर हिसार एयरपोर्ट से चंडीगढ़, अयोध्या, अहमदाबाद, जयपुर और जम्मू के लिए उड़ानें शुरू की जाएंगी। हिसार से पहली फ्लाइट अयोध्या जाएगी।
एयरपोर्ट का पूर्व निरीक्षण
DGCA की टीम ने 6 महीने पहले भी हिसार एयरपोर्ट का निरीक्षण किया था। इस अवधि में हवाई जहाज को रनवे पर उतारकर परीक्षण किया गया। भारतीय वायुसेना ने भी हिसार एयरपोर्ट पर एक आपातकालीन अभ्यास किया था। जिसमें लड़ाकू विमानों को दो दिनों तक उतारा गया।
हिसार एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू होने का फायदा यात्रियों को सस्ते और जल्दी जाने का अवसर देगा।
हरियाणा के लोगों को बहुत कुछ मिलेगा।
दिल्ली जैसे बड़े शहरों पर हवाई यातायात का दबाव कम हो जाएगा।
व्यापार और पर्यटन बढेंगे।
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