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जानिए कैसे डूबी टीम इंडिया की नैया, पढ़िए एक-एक डिटेल

सभी को भारतीय टीम से यह उम्मीद थी कि वो एडिलेड ओवल मैदान पर इंग्लैंड को मात देकर  आईसीसी टी20 विश्व कप-2022 के फाइनल में कदम रखेगी।
 
जानिए कैसे डूबी टीम इंडिया की नैया, पढ़िए एक-एक डिटेल

 

लेकिन सभी की ये उम्मीद टूट गई। इंग्लैंड ने गुरुवार को खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में भारत को 10 विकेटों से हरा दिया। इसी के साथ उसने फाइनल में जगह बना ली जहां वो 13 नवंबर को पाकिस्तान से भिड़ेगा।

 

दूसरे सेमीफाइनल में भारतीय पारी के आखिरी पांच ओवरों को छोड़ दिया जाए तो भारत कहीं भी इंग्लैंड के सामने टिक नहीं सका। लेकिन सबसे ज्यादा उसे परेशान कर गए इंग्लैंड द्वारा फेंके गए सात ओवर।

ये सात ओवर फेंके इंग्लैंड के स्पिनरों ने। यानी आदिल रशीद और लियम लिविंगस्टन ने। धीमी शुरुआत के बाद एडिलेड की छोटी बाउंड्रीज को देखते हुए भारतीय बल्लेबाज इंग्लैंड के स्पिनरों पर तेजी से रन बना सकते थे लेकिन ऐसा हुआ नहीं।

रशीद और लिविंग्सटन ने मिलाकर कुल सात ओवर फेंक और इन सात ओवरों में रन दिए सिर्फ 41। विकेट हालांकि सिर्फ एक ही मिला वो भी रशीद को लेकिन इन सात ओवरों में भारतीय पारी को बड़े स्कोर से वंचित रख दिया। रशीद ने चार ओवरों में 20 रन दिए तो वहीं लिविंग्सटन ने तीन ओवरों में 21 रन खर्च किए।

भारतीय स्पिनरों ने नहीं दिखाया दम

वहीं अगर भारतीय स्पिनरों की तुलना इंग्लैंड के स्पिनरों से की जाए तो टीम इंडिया के फैंस को निराशा होगी। भारत की तरफ से इस मैच में दो स्पिनर खेले थे। अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल, लेकिन दोनों ने जमकर रन लुटाए और विकेट भी नहीं ले सके।

भारतीय स्पिनरों ने मिलकर फेंके सिर्फ छह ओवर और रन दिए 57। इंग्लैंड के दोनों स्पिनरों की तुलना भारतीय स्पिनरों से कि जाए तो अंतर बहुत बड़ा है। इंग्लैंड के स्पिनरों का इस मैच में इकॉनमी 5.85 का रहा जबकि भारतीय स्पिनरों का इकॉनमी 9.50 का रहा। यानी लगभग दो गुना।

पटेल ने अपने कोटे के पूरे चार ओवर फेंके और 30 रन दिए लेकिन विकेट नहीं निकाल सके। अश्विन बेहद महंगे साबित हुए। उन्होंने महज दो ओवर गेंदबाजी की और रन दिए 27। यहां अगर युजवेंद्र चहल होते तो इंग्लैंड को निश्चित तौर पर परेशानी में डाल सकते थे।

पंत का नहीं किया सही इस्तेमाल

इस मैच में ऋषभ पंत को इसलिए जगह दी गई थी क्योंकि एडिलेड ओवल की साइड की बाउंड्रीज छोटी हैं और पंत स्पिनरों के खिलाफ इसका फायदा उठा सकते थे। लेकिन जब इंग्लैंड के स्पिनर गेंदबाजी कर रहे थे तब पंत को बल्लेबाजी के लिए भेजा ही नहीं गया।

ये तय था कि पंत को अगर इसी काम के लिए रखा गया है तो टीम के बल्लेबाजी क्रम में बदलाव होगा क्योंकि इंग्लैंड के स्पिनर संभवतः 12-14 ओवर तक ही गेंदबाजी करेंगे, बावजूद इसके पंत को काफी नीचे भेजा गया। अगर पंत होते तो सात ओवरों में इन दोनों के खिलाफ तेजी से रन बना सकते थे।