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खतरनाक हैं Satellites, अगर आपस में टकराए तो तबाह हो जाएगी धरती

 स्पेस में सैटेलाइट की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो धरती के चक्कर लगा रहे हैं. स्पेसएक्स ने अकेले 3000 से ज्यादा सैटेलाइट लॉन्च कर रखे हैं. अब सैटेलाइट की लगातार बढ़ती संख्या पर वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं.

 
 खतरनाक हैं Satellites, अगर आपस में टकराए तो तबाह हो जाएगी धरती
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Satellite Launch: दुनिया एक तरफ तकनीक में नई ऊंचाई छू रही है तो दूसरी तरफ सबसे बड़ा खतरा भी पनप रहा है. आमतौर पर बेहतर इंटरनेट सुविधाओं, मौसम की जानकारी, क्लाइमेट चेंज और अन्य इंटरनेट आधारित तकनीकों के लिए स्पेस में सैटेलाइट लॉन्च की जाती है.

यह सैटेलाइट धरती के चक्कर लगाते हैं और हमें जरूरी जानकारी मुहैया कराते हैं. अब वज्ञानिकों ने चेताया है कि यही सैटेलाइट हमारे लिए ही खतरनाक साबित हो सकते हैं.

फिलहाल 8000 सैटेलाइट हैं, जो धरती के चक्कर लगा रहे हैं, जो ग्रह की पूरी लंबाई-चौराई को कवर करते हुए, हमें जरूरी जानकारी मुहैया कराते हैं. अकेले स्पेसएक्स ने ही बेहतर इंटरनेट सुविधाओं के लिए छोटे स्तर के 3000 से ज्यादा सैटेलाइट लॉन्च कर रखे हैं

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, और आने वाले दिनों में और भी सैटेलाइट लॉन्च करने का प्लान है. वहीं वन वेब की तरफ से भी आने वाले दिनों में कई सैटेलाइट लॉन्चिंग के लिए शेड्यूल हैं. वैज्ञानिक इन सैटेलाइटों को वैश्विक खतरा मानते हैं.

एस्ट्रोनॉमर्स ने दी चेतावनी

वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आर्टिफिशियल लाइट्स और सैटेलाइट प्रकृति और सांस्कृतिक विरासत के लिए खतरनाक है. वैज्ञानिक बताते हैं कि रात के समय में आसमान का आंकलन मुश्किल हो गया है. एस्ट्रोनॉमर्स ने भी सैटेलाइट की लगातार बढ़ती संख्या पर चेतावनी दी कि इससे कॉसमॉस की स्टडी कर पाने में मुश्किलें पैदा हुई है, जिससे एस्ट्रोनॉमी का प्रोफेशन खतरे में हैं.

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सैटेलाइट से बढ़ रहा लाइट पॉल्यूशन

दुनियाभर के वैज्ञानिक धरती के आसपास बढ़ती सैटेलाइट की संख्या पर चेतावनी दे रहे हैं. इससे लाइट पॉल्यूशन तो बढ़ रही रहा है, साथ ही मिशन खत्म होने के बाद सैटेलाइट का मलबा भी दुनिया के लिए खतरा है. मसलन, मिशन के बाद सैटेलाइट को डिस्ट्रॉय कर दिया जाता है और उसके जो भी मलबे होते हैं उन्हें किसी समुद्र में गिराया जाता है.

इसके लिए सैटेलाइट में बाजाब्ता तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसकी संख्या बढ़ने के बाद अगर गलती से ये आपस में टकरा भी जाते हैं, तो इसका मलबा धरती के किसी भी हिस्से में गिर सकता है, जो मानव जाति के लिए मुश्किलें पैदा करेगा.