logo

NCR के लोगों के लिए खुशखबरी, अब दूर नहीं रहेगी दिल्ली

दिल्ली और मेरठ के बीच बन रहे देश के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम पूरे एनसीआर के लिए बेहद फायदेमंद होने वाला है. इसकी मदद से हरियाणा और राजस्थान के इंडस्ट्री, एजुकेशन, स्पोर्ट्स, ऑफिस, रेजिडेंशियल समेत हर तरह के विकास कार्यों में तेजी आएगी.
 
NCR के लोगों के लिए खुशखबरी, अब दूर नहीं रहेगी दिल्ली  
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) इस दिशा में बड़ी तेजी से काम कर रहा है. दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ RRTS को 2025 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है. NCRTC का दावा है कि RRTS ट्रांसपोर्टेशन में ट्रांसफॉर्म लेकर जाएगा.

 

2 मैप के जरिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम ने इसे समझाने का प्रयास भी किया है. अभी सेंट्रल दिल्ली से एक घंटे में सिर्फ राष्ट्रीय राजधानी के चारों ओर बॉर्डर और उसके आसपास का सफर किया जा सकता है. वहीं, जब RRTS पूरी तरह तैयार हो जाएगा, तो एक घंटे में दिल्ली-एनसीआर का बड़ा हिस्सा कवर किया जा सकेगा.

 

घंटेभर में पानीपत, मेरठ, अलवर जैसी जगह से सेंट्रल दिल्ली पहुंच सकेंगे. जानकारों की मानें तो ऑफिस, दुकान, फैक्ट्री या कहीं नौकरी पर जाने के लिए लोग आमतौर पर एक से डेढ़ घंटा तक खर्च कर देते हैं.

यदि RRTS की सुविधा शुरू हो जाएगी, तो दिल्ली के लोग आस पड़ोस के शहरों में शिफ्ट हो सकते हैं. यूं भी कहा जा सकता है कि दिल्ली से 100-120 किमी दूरी के मुसाफिर रोजाना कम समय में दिल्ली आकर अपना काम कर सकेंगे. इससे उनका वक्त और पैसा दोनों बचेगा.

हरियाणा सरकार ने हाल ही में दी मंजूरी
NCRTC बोर्ड, अध्यक्ष और सचिव, केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय की अध्यक्षता में 13 मार्च, 2020 को दिल्ली-पानीपत RRTS कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी दी. हरियाणा सरकार ने हाल ही में इस कॉरिडोर को मंजूरी दी और यह दिल्ली सरकार के हरी झंडी मिलने के बाद इसे औपचारिक मंजूरी के लिए केंद्र के पास भेजा जाएगा.

' हालांकि, मंत्रालय ने सोमवार को राज्यसभा में बताया कि दिल्ली सरकार दिल्ली-एसएनबी (शाहजहांपुर-नीमराना-बेहरोर) और दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने पर सहमत नहीं हुई है.

मंत्रालय ने यह भी कहा कि दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर के लिए हरियाणा सरकार की मंजूरी और वित्तीय प्रतिबद्धता के साथ डीपीआर और दिल्ली-एसएनबी कॉरिडोर के लिए हरियाणा और राजस्थान की वित्तीय प्रतिबद्धता के साथ मंजूरी प्राप्त हो गई है.


कॉरिडोर में होंगे ये स्टेशन
दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी को हरियाणा के मुरथल, गन्नौर, समालखा और पानीपत से जोड़ना है. एनसीआरटीसी के एक अधिकारी ने कहा, इससे इंडस्ट्री, एजुकेशन, स्पोर्ट्स, ऑफिस, रेजिडेंशियल समेत हर तरह के विकास कार्यों में तेजी आएगी.

103 किमी की कुल लंबाई के साथ, कॉरिडोर में मुरथल डिपो सहित 17 स्टेशन होंगे. इन 17 स्टेशनों में से छह सराय काले खां, इंद्रप्रस्थ, कश्मीरी गेट, बुराड़ी क्रॉसिंग, मुकरबा चौक और अलीपुर दिल्ली में हैं. इस कॉरिडोर के चालू हो जाने के बाद सराय काले खां से पानीपत पहुंचने में सिर्फ 65 मिनट का समय लगेगा.


तीन चरणों में पूरा होगा कॉरिडोर का काम
हालांकि, दिल्ली-गुड़गांव-एसएनबी-अलवर आरआरटीएस कॉरिडोर का निर्माण तीन चरणों में किया जाएगा. पहले चरण में सराय काले खां से एसएनबी अर्बन कॉम्प्लेक्स (शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़) तक 107 किमी का विस्तार किया जाएगा. मार्ग में, ट्रेन विभिन्न क्षेत्रीय बिंदुओं जैसे गुड़गांव, मानेसर, पंचगांव और रेवाड़ी को छूएगी.

इस खंड का तीन किलोमीटर हरियाणा में, 22 किमी दिल्ली में और 2 किमी राजस्थान में होगा. दिल्ली से एसएनबी की अनुमानित यात्रा का समय 70 मिनट है. एसएनबी से सोतानाला तक सिर्फ 20 मिनट लगेंगे.


दूसरे चरण में यहां तक पहुंचेगी लाइन
दूसरे चरण में, लाइन को एसएनबी से सोतानाला (33.3 किमी) तक बढ़ाया जाएगा, जिसके बीच में शाहजहांपुर, नीमराना और बहरोड़ होंगे. एसएनबी-अलवर (58km) विस्तार को तीसरे चरण के रूप में प्रस्तावित किया गया है.

एनसीआरटीसी के अधिकारी ने कहा, 'दिल्ली-गुड़गांव-एसएनबी-अलवर आरआरटीएस कॉरिडोर हरियाणा और राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों से होकर गुजरेगा.

इससे मानेसर, बावल और नीमराना क्षेत्रों में दिल्ली और गुड़गांव से आने-जाने वाले यात्रियों की बड़ी संख्या की उत्पादकता बढ़ने की उम्मीद है. कॉरिडोर का निर्माण प्रमुख रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे है.'

इस बीच, दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर का निर्माण जोरों पर चल रहा है. दिल्ली से मेरठ तक का पूरा कॉरिडोर 2025 में जनता के लिए खुल जाएगा, लेकिन साहिबाबाद और दुहाई के बीच 17 किमी का प्राथमिकता खंड इस साल मार्च तक चालू होने की उम्मीद है.