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Loksabha Elections: 2024 के लिए कसी कमर नीतीश कुमार ने फूलपुर के रास्ते दिल्ली की गद्दी तक पहुंचने की तैयारी

नीतीश कुमार प्रयागराज (Prayagraj) की फूलपुर (Phoolpur) सीट से 2024 में चुनाव लड़ सकते हैं. फूलपुर से लड़कर वह विपक्ष को एकजुट करने के साथ ही बीजेपी को घेरने का भी काम करेंगे. 
 
nitish kumar
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Nitish Kumar: लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) 2024 को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. विपक्ष भी इस बार पहले से तैयारियों में जुटा हुआ है. ऐसे में नीतीश कुमार के ऊपर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं. कहा यह भी जा रहा है कि नीतीश कुमार प्रयागराज (Prayagraj) की फूलपुर (Phoolpur) सीट से चुनाव लड़ सकते हैं. 


'अहम' सीट से लड़ सकते हैं चुनाव(Can contest from 'important' seat)

 

बता दें कि फूलपुर सीट वह क्षेत्र है जहां से देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) ने भी चुनाव लड़ा है. पंडित नेहरू फूलपुर सीट से चुनाव लड़कर ही तीन बार सांसद चुने गए और देश के प्रधानमंत्री बने. नेहरू के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह (Vishwanath Pratap Singh) भी फूलपुर सीट से सांसद रह चुके हैं. 

 

UP के रास्ते दिल्ली की तैयारी(Preparation for Delhi via UP)


यह तो हमेशा से कहा जाता रहा है कि दिल्ली की गद्दी का रास्ता UP होकर जाता है. ऐसे में नीतीश का यह सीट चुनना महज संयोग नहीं है बल्कि सोची समझी प्लानिंग है. फूलपुर से लड़कर वह विपक्ष को एकजुट करने के साथ ही बीजेपी(BJP) को घेरने का भी काम करेंगे. माना जा रहा है कि नीतीश UP से चुनाव लड़कर बीजेपी(BJP) के खिलाफ मोर्चेबंदी करने की कोशिश में हैं.

पीएम मोदी को सीधी चुनौती(Direct challenge to PM Modi)


राजनीति के जानकार कह रहे हैं कि फूलपुर से नीतीश कुमार के चुनावी मैदान में उतरने से पूर्वांचल का चुनावी समीकरण बदल सकता है. फूलपुर लोकसभा सीट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी से मात्र 100 किलोमीटर की दूरी पर है. ऐसे में नीतीश कुमार की उम्मीदवारी को पीएम नरेंद्र मोदी के लिए सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है. ऐसे में अब स्थिति साफ हो रही है कि जदयू नीतीश कुमार को सीधे प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में पीएम नरेंद्र मोदी के सामने खड़ा करने की तैयारी में जुट गई है.

इसलिए नीतीश ने चुनी फूलपुर सीट(That's why Nitish chose Phulpur seat)


गौरतलब है कि फूलपुर सीट का जातीय समीकरण भी पूरी तरह नीतीश के मुफीद है. यहां कुर्मी वोटर तीन लाख के करीब हैं. इसके साथ ही यादव और मुस्लिम मतदाता भी निर्णायक भूमिका में हैं. यानी फूलपुर से चुनाव लड़कर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा सियासी संदेश दिया जा सकता है.