इंडियन आर्मी के लिए जल्द ही होंगी Maruti Gypsy Electric, रेंज 120 km से ज्यादा देंगी रेंज, ये होंगे अलग फ़ीर्चर..
भारतीय सेना भविष्य में सॉफ्ट-टॉप जिम्नी को अपने बेड़े में शामिल कर सकती है. साथ ही सभी अयोग्य जिप्सियों को स्क्रैप करने के बजाए उन्हें EV में कन्वर्ट किया जा सकता है..
दिल्ली में सेना कमांडरों में सॉफ्ट-टॉप जिम्नी को अपने बेड़े में शामिल कर सकती है. साथ ही सभी अयोग्य जिप्सियों को स्क्रैप करने के बजाए उन्हें EV में कन्वर्ट किया जा सकता है। सेना ने रेट्रोफिटेड ईवी कंपोनेंट्स के साथ Maruti Gypsy Electric को शोकेस किया है।
टैडपोल प्रोजेक्ट्स स्टार्टअप ने इस काम को किया है। जवाद खान के नेतृत्व में यह स्टार्टअप आईआईटी-दिल्ली के तहत तैयार किया गया है। यह स्टार्टअप मुख्य रूप से विंटेज कारों और जिप्सी के लिए काम करता है। यह कार 30 किलोवाट किट के साथ तैयार की गई है जो इसे 120 किलोमीटर प्रति चार्ज तक चला सकता है और इसमें जीरो उत्सर्जन होता है।
Maruti Gypsy Electric Conversion Kit
ये सभी बैटरी मॉड्यूल IP65/67 रेटिंग के साथ आते हैं जिससे वे बाहरी धूल, गंदगी और जल से सुरक्षित रहते हैं। इनमें शॉर्ट सर्किट, ओवरचार्ज और अंडर-डिस्चार्ज प्रोटेक्शन भी होती है जो इनकी सुरक्षा को और बढ़ाते हैं। इसके साथ ही, 30 kW तक की EV किट और 1 kW से 37 kW (49.6 bhp) इलेक्ट्रिक मोटर्स के लिए स्मार्ट बीएमएस का भी आप्शन होता है। इन्हें चार्ज करने में 2 से 6 घंटे का समय लगता है। टैडपोल ने मोटर पर 2 साल और बैटरी के लिए 3 से 5 साल की वारंटी ऑफर की है, जिसे आप 7 साल तक बढ़ा सकते हैं।
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EV में कन्वर्ट कैसे होते हैं वाहन | How to Convert to Electric Vehicle
इस प्रक्रिया में इंजन कंपोनेंट्स को बदला जाता है, बैटरी के लिए बेहतर स्थान का पता लगाया जाता है, बैटरी सेटअप और मौजूदा ड्राइवट्रेन को इलेक्ट्रिक मोटर से जोड़ा जाता है। यह पुराने और अनउपयोगी आईसीई वाहनों की लाइफ को बढ़ाने का एक अच्छा तरीका है। अगर किसी वाहन से आपको जुड़ी कोई emotional feelings है तो उसे स्क्रैप न करके इसे इलेक्ट्रिक वाहन में बदला जा सकता है। पुरानी गाड़ियों को ईवी में बदलकर उनकी उम्र बढ़ाने के साथ साथ उन्हें विंटेज कार के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
कैसी है इंडियन आर्मी की ये Maruti Gypsy Electric
इस इलेक्ट्रिक Gyspy की डिज़ाइन में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन इसे स्पेशल बनाने के लिए ‘EV’ बैजिंग और इंडियन आर्मी का लोगो लगाया गया है। इस Maruti Gypsy Electric बनाने के लिए 30 kW की क्षमता का किट लगाया गया है, जो कि सिंगल चार्ज में 120 किलोमीटर तक का ड्राइविंग रेंज देता है।
SBI की इस शानदार स्कीम में निवेश कर पायें बेहतरीन बेनिफिट्स, 1 जुलाई तक कर सकतें हैं निवेश !रेट्रोफिटेड ईवी कन्वर्जन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे मौजूदा वाहनों को जीरो-उत्सर्जन पावरट्रेन के साथ फिर से उपयोग में लाना संभव होता है। भारतीय सेना जिप्सी से अच्छी तरह से परिचित होती है और यह उन्हें कुछ ही मिनटों में पूरी तरह से अलग करने और फिर से वापस जोड़ने में सक्षम होती है।
बदलाव होगा इन वाहनों में
भारतीय सेना अपने बेड़े में सॉफ्ट-टॉप जिम्नी को future में शामिल कर सकती है। उन्हें सभी अयोग्य जिप्सियों को स्क्रैप करने के बजाए EV में कन्वर्ट करने का आप्शन भी है।
कब हुई थी पहली Gypsy लॉन्च
मारुति जिप्सी और भारतीय आर्मी के बीच पुराना नाता है। लंबे समय तक ये एसयूवी आर्मी के सर्विस में रही है। मारुति ने दिसंबर 1985 में इस एसयूवी को 970 सीसी F10A सुजुकी इंजन के साथ भारतीय बाजार में उतारा था। शुरुआत में, यह सॉफ्ट-टॉप के रूप में उपलब्ध थी, लेकिन बाद में इसे हार्डटॉप के साथ भी पेश किया गया। इसके बाद मारुति जिप्सी का आकर्षण हार्डटॉप वरिएंट के कारण बढ़ता गया। कंपनी ने 2018 में उसका प्रोडक्शन बंद कर दिया था।