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Bulldozer Action: HC ने 20 दिन तक श्रीकांत त्यागी की सोसायटी में लगाई रोक

Omaxe Society: नोएडा की ओमेक्स सोसायटी में चल रहे बुलडोजर एक्शन पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्टे लगा दिया है. कोर्ट ने कहा है कि अगले 20 दिनों तक वहां कोई एक्शन नहीं होगा.
 
Bulldozer Action: HC ने 20 दिन तक श्रीकांत त्यागी की सोसायटी में  लगाई रोक  
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Bulldozer action omaxe society: श्रीकांत त्यागी (Shrikant Tyagi) वाली सोसायटी के नाम से फेमस हो चुकी नोएडा की ओमेक्स सोसायटी में बुलडोजर एक्शन पर रोक लगा दी गई है.

नोएडा प्राधिकरण द्वारा अतिक्रमण हटाने पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्टे लगा दिया है. कोर्ट ने ये रोक 20 अक्टूबर तक के लिए लगाई है.

कोर्ट के रोक लगाए जाने के बाद सोसाइटी के लोगों को बड़ी राहत मिली है. अब इस मामले में 20 दिन बाद यानी 20 अक्टूबर को सुनवाई होगी.

 

श्रीकांत के घर के बाहर लगे पेड़ उखाड़े

बता दें कि शुक्रवार को नोएडा अथॉरिटी की टीम ने चार बुलडोजर के साथ करीब 16 अवैध निर्माणों को तोड़ा और श्रीकांत त्यागी के घर के बाहर लगे पाम ट्री के 10 पेड़ भी उखाड़ दिए थे.

उसके बाद रात में एक बार फिर श्रीकांत की पत्नी अनु त्यागी ने अपने घर के बाहर पेड़ लगवा दिए. बार-बार पेड़ लगाकर यह दिखाया जा रहा है कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं. 

 

कई अवैध निर्माण तोड़े


शुक्रवार को नोएडा की ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी में शुक्रवार को प्राधिकरण का बुलडोजर चला. अधिकारियों ने करीब 6.30 घंटे तक कार्रवाई की. चार बुलडोजर और चार डंपर देखकर सोसायटी के लोगों ने विरोध किया

सरकार के खिलाफ नारे लगाए. लेकिन इसके बाद भी कार्रवाई नहीं रुकी. कुछ महिलाएं अधिकारियों के सामने फूट-फूटकर रोने लगीं. श्रीकांत त्यागी के घर के बाहर लगे 17 पाम ट्री में 12 पेड़ उखाड़कर फेंक दिए गए.

इसके अलावा 16 फ्लैट ओनर्स के अवैध निर्माण बुलडोजर से ढहा दिए गए.

अथॉरिटी ने दिया था अल्टीमेटम

आधिकारियों के लौटने के बाद रात में अनु त्यागी ने उखाड़े गए पेड़ों को फिर से लगवा दिया. 132 फ्लैट मालिकों को अवैध निर्माण हटाने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी लोगों ने अवैध निर्माण नहीं हटाए.

श्रीकांत की पत्नी ने कार्रवाई का विरोध किया. उन्होंने बिल्डर का दिया एनओसी भी दिखाया, लेकिन अधिकारी नहीं माने. अलेक्जेंडर टावर में बाउंड्रीवॉल को भी तोड़ा गया. यहां अवैध रूप से लगाए गए पेड़ भी हटवा दिए गए.a