खालिस्तानी : ये 3 चेहरे ‘बयां’ कर रहे 30 साल पुरानी कहानी
बदला ये एक ऐसा शब्द है जो घर के घर तबाह कर देता है. कई विरासतों को बर्बाद कर देता है. पंजाब में अब तक जो अमृतपाल के गुर्गे गिरफ्तार हुए हैं उनका इतिहास बता रहा है कि कहीं ये लोग बदले की भावना के लिए तो नहीं इसके साथ जुड़े.
इस वक्त देश की सुर्खियों में सिर्फ एक नाम सबसे ज्यादा चल रहा है और वो है अमृतपाल सिंह का. जोकि एक खालिस्तान समर्थक है. इसके चाहने वालों की लंबी जमात है.
वो इसे जरनैल सिंह भिंडरावाले 2 कहकर भी पुकारते हैं. पंजाब पुलिस इसको खोज निकालने के लिए हर दांव अपना रही है. उम्मीद है जल्द ही ये सलाखों के पीछे होगा. मगर अब तक जो इसके बेहद करीबी लोग पकड़े गए हैं, उनकी छानबीन से बता चला है कि वो बदले की आग में तो नहीं झुलस रहे. क्योंकि कभी न कभी उनके सगे संबंधियों पर भी पुलिस कार्रवाई हो चुकी है.
भिंडरावाले का नाम आता है तो जेहन में पंजाब की वो 80 के दशक वाली तस्वीरें याद आती है. भिंडरावाले ने भारत को विभाजित करने की पूरी योजना तैयार कर ली थी. लेकिन उसके खतरनाक इरादों पर भारी पड़ी तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी की सख्त कार्रवाई.
पंजाब पुलिस अब तक 200 से ज्यादा खालिस्तानी समर्थकों को पकड़ चुकी है. लेकिन इनमें से तीन नाम अहम है. ये वो तीन नाम है जो अमृतपाल के सबसे करीबी बताए जाते हैं. वो नाम है अवतार सिंह खांडा और कुलवंत सिंह राउके.
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तीनों का इतिहास
इनका इतिहास देखने पर ऐसा लगता है कि जैसे ये लोग बदले की आग में खालिस्तान के समर्थक बने हैं. कभी न कभी इनके परिवारीजन में कोई न कोई खालिस्तानी आंदोलन में शामिल रहा है. उनको पुलिस ने गिरफ्तार किया या फिर एनकाउंटर किया. सबसे पहले हम बात करेंगे ड्रग डीलर रावल सिंह की.
सबसे पहला नाम ड्रग डीलर रावेल
हर कोई जानता है कि पंजाब में ड्रग का काला कारोबार कितना फलता फूलता है. उड़ता पंजाब फिल्म इसकी एक बानगी है. नशे के जद में युवा अपना सब कुछ गंवा देते हैं. जांच एजेंसियों ने जब शिकंजा कसा तो बड़े पैमानों में गिरफ्तारियां हुईं. रावल सिंह के पास कहने को तो केवल पांच एकड़ हैं
मगर ये अमृतपाल से इतना प्रभावित हो गया कि मर्सिडीज एसयूवी गिफ्ट कर दी. ये वही कार है जिसमें अमृतपाल सनरूफ खोलकर लोगों का अभिवादन स्वीकार करता दिखा था. बाद में वो इसी कार से फरार भी हुआ. रावल सिंह का भाई कुलदीप सिंह ‘भूरा’ निहंग हो गया था. वो सरहद पार पाकिस्तान से अवैध हथियार और ड्रग्स का कारोबार करता था. एक दिन BSF के हाथों पकड़ा तो उनका एनकाउंटर हो गया. ये घटना 2013 की थी.
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हर कोई जानता है कि पंजाब में ड्रग का काला कारोबार कितना फलता फूलता है. उड़ता पंजाब फिल्म इसकी एक बानगी है. नशे के जद में युवा अपना सब कुछ गंवा देते हैं. जांच एजेंसियों ने जब शिकंजा कसा तो बड़े पैमानों में गिरफ्तारियां हुईं. रावल सिंह के पास कहने को तो केवल पांच एकड़ हैं मगर ये अमृतपाल से इतना प्रभावित हो गया कि मर्सिडीज एसयूवी गिफ्ट कर दी. ये वही कार है जिसमें अमृतपाल सनरूफ खोलकर लोगों का अभिवादन स्वीकार करता दिखा था. बाद में वो इसी कार से फरार भी हुआ. रावल सिंह का भाई कुलदीप सिंह ‘भूरा’ निहंग हो गया था. वो सरहद पार पाकिस्तान से अवैध हथियार और ड्रग्स का कारोबार करता था. एक दिन BSF के हाथों पकड़ा तो उनका एनकाउंटर हो गया. ये घटना 2013 की थी.