Home Loan वालों की हुई मौज, अब कम EMI में बनेगा काम
Home Loan : होम लोन लेने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब कम ईएमआई में घर खरीदने का सपना पूरा हो सकेगा। बैंक और वित्तीय संस्थानों ने ब्याज दरों में बदलाव किया है, जिससे लोन चुकाने का बोझ कम होगा। अगर आप भी नया घर लेने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। नीचे जानें पूरी डिटेल।
Haryana Update : अगर आप भी Home Loan लेने के बारे में विचार कर रहे हैं या फिर आपने पहले से ही कोई Home Loan लिया हुआ हैं तो ये खबर आपके काफी काम की हो सकती है। हाल ही में आरबीआई ने Home Loan को लेकर एक बड़ा अपडेट जारी किया है। जारी किये गए अपडेट के मुताबिक अब लोगों के लिए Home Loan लेना काफी ज्यादा आसान होने वाला है। खबर में जानिये इस बारे में पूरी डिटेल्स।
कम हुआ Repo Rate -
हाल ही में भारतीय रिजर्व Bank ने नीतिगत Interest Rate यानी Repo Rate को 25 बेसिस पॉइंट्स तक कम कर दिया है। Bank के इस ऐलान की वजह से Loan लेने वालों को भारी राहत मिली है। आरबीआई का नया रेपो 6.25 % के हिसाब से घोषित किया जा चुका है। इस फैसले के बाद से ही Home Loan लेने वालों की हर महीने दी जाने वाली किस्त यानी मंथली EMI में कमी देखने को मिल सकती है।
EMI का भोझ होगा कम-
अगर आपके Home Loan की EMI के अंदर कमी आती हैं तो इसकी वजह से आपको Bank की ओर से Interest Rate में कटौती का एलान भी किया जा सकता है। आरबीआई के निर्णय के मुताबिक अब बैंकों की ओर से इसी अनुपात में Byaz Darें को घटाए जाने की उम्मीद की जा सकती है। इसके हिसाब से ही ब्याज भुगतान पर होने वाले संभावित फायदों को कैलकुलेट किया जाएगा।
अगर आपने 40 Lakhरुपये की राशि का Home Loan लिया हैं और इस Loan का टैन्यौर 20 साल का हैं तो ऐसे में आपको कुल 240 मंथली EMI का भुगतान करना होगा।
वहीं अगर आपके Home Loan की सालाना Byaz Dar 9 % के हिसाब से हैं तो आपको हर माह लगभग 35,989 रुपये मंथली किश्तों का भुगतान करना होगा।
20 साल में ही आपको इंटरेस्ट पेमेंट यानी ब्याज भुगतान के तौर पर कुल करीब 46.37 Lakhरुपये को देना होगा।
अगर Repo Rate में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती के बाद आपका Bank भी Byaz Dar में कटौती कर देता है तो ऐसे में आपके Loan पर लगने वाला ब्याज 9 % से कम होकर 8.75 % तक हो जाएगा।
ऐसे Bank आपकी Loan EMI को घटकर करीब 35,348 रुपये तक का किया जा सकता हैं।
20 साल में कुल इंटरेस्ट पेमेंट को भी घटकर लगभग 44.83 Lakhरुपये तक किया जा सकता है।
यानी आपको हर माह EMI के रुप में 641 रुपये तक बचा सकते हैं।
20 साल में आपकी कुल बचत लगभग 1.54 Lakhरुपये तक हो जाएगी।
Loan की EMI घटाएं या टेन्योर?
जब Interest Rate में कटौती की जाती हैं तो ऐसे में Bank आपको EMI कम करने या फिर Loan के टेन्योर को कम करने का भी ऑप्शन दिया जाता है। अगर आप EMI को कम करने की जगह Loan के टेन्योर को घटाने का फैसला करते हैं, तो आप कुल इंटरेस्ट पेमेंट में ज्यादा पैसे की बचत कर सकते हैं और अपने सपने को साकार कर सकते हैं।
उदाहरण के तौर पर अगर Byaz Dar को 9 % से घटकर 8.75 % तक कर दिया जाता हैं तो ऐसे में आपको हर महीने 35,989 रुपये की किस्त का भुगतान करना होगा।
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वहीं इस परिस्थिति में आपकी Loan की कुल EMI की संख्या भी 240 से घटकर 229 तक हो जाएगी।
आपको उतना ही Loan चुकाने के लिए 11 EMI का कम भुगतान करना होगा।
जिसका मतलब हैं कि आपका Loan 11 महीने पहले ही समाप्त हो जाएगा।
ऐसे में आपकी कुल बचत 11x35,989 रुपये = 3,95,879 रुपये तक होगी।
वहीं EMI की Money को घटाने पर होने वाली बचत भी लगभग 1.54 Lakhरुपये थी।
इसकी वजह से ये सपष्ट किया जा सकता है कि EMI की Money को घटाने की तुलना में टेन्योर कम करने से होने वाला फायदा भी दोगुने से ज्यादा होगा। ऐसे में अगर आपका बजट इसकी इजाजत देता है, तो ऐसे में आपको EMI Loan का टेन्योर घटाने का विकल्प भी चुनना काफी ज्यादा जरूरी है।
Repo Rate का बैंको असर-
आरबीआई के Repo Rate को घटाने के एलान यह नहीं है कि कॉमर्शियल बैंकों की Byaz Darें अपने आप घट जाएंगी, लेकिन ये अक्टूबर 2019 के बाद से ही लागू होंगी। सभी फ्लोटिंग रेट Home Loan को बाहरी बेंचमार्क से जोड़ा जाएगा। इसमें Repo Rate (Repo rate) को भी शामिल किया गया है। इस वजह से Repo Rate में कटौती की वजह से Home Loan के Interest Rate पर भी प्रभाव देखने को मिलेगा।
बैंकों से उधार लेना भी होगा काफी आसान-
Repo Rate एक तरह का Byaz Dar है जिसके अधार पर RBI कॉमर्शियल बैंकों को शॉर्ट टर्म के लिए फंड उधार देता है। जब RBI Repo Rate (0.25% repo rate cut effect) में कटौती करता है, तो बैंकों के लिए उधार लेना भी काफी ज्यादा सस्ता होने वाला है। इसकी वजह से उनकी फंड की लागत भी कम हो जाती है। वे अपने ग्राहकों को कम Byaz Dar पर Loan दे सकते हैं। इसके अलावा Repo Rate (rbi repo rate) को पॉलिसी रेट या नीतिगत Byaz Dar भी कहते हैं, इसकी वजह से ये पता चलता है कि रिजर्व Bank इस वक्त किस तरह की मॉनेटरी पॉलिसी को लागू करने के बारे में विचार कर रहा है। कॉमर्शियल बैंकों के लिए ये काफी उचित संकेत हो सकता है।