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सरकार का बड़ा फैसला अब दूध-लासी पर भी लगेगा इतने रूपये GST, जाने लेटेस्ट अपडेट

हाल ही में जीएसटी स्लैब में बदलाव किए गए थे, जिसके बाद कई सामान की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई. इसमें कुछ कैटेगरी के दूध, छाछ आदि को जीएसटी के दायरे में लिया गया गया है.

 
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ऐसे में आज हम आपको बताते हैं कि किस दूध पर जीएसटी लगाया गया है और किस दूध पर टैक्स नहीं लगाया गया है. इसके बाद आप समझ जाएंगे कि आप घर में जो दूध या छाछ ले रहे हैं. उस पर जीएसटी का असर या कीमत पर असर पड़ेगा या नहीं. तो जानते हैं किस-किस तरह के दूध पर जीएसटी लग रहा है और कितना टैक्स लगाया गया है…

दरअसल, सरकार ने लोकसभा में केरल के सांसद डीन कुरियाकोस के सवाल पर जवाब दिया है. वित्त मंत्री की ओर से दिए गए जवाब में विस्तार से बताया गया है कि किस दूध पर टैक्स लगाया गया है.

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और सरकार की मिल्क प्रोडक्ट्स को जीएसटी में लेने को लेकर आगे कोई प्लानिंग है या नहीं. सरकार के इस जवाब के बाद से जीएसटी को लेकर कई चीजें साफ हो गई हैं और पता चल गया है कि किस दूध पर कितना टैक्स लगेगा.

किस दूध पर टैक्स नहीं लगेगा-सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, ताजा दूध और पाश्चयुरीकृत दूध पर जीएसटी से पूरी तरह छूट दी गई है.

इसके साथ ही मिल्क प्रोडक्ट्स जैसे दही, लस्सी, बटर मिल्क और पनीर पर भी जीएसटी से छूट दी गई है, लेकिन उनकी बिक्री पहले से ही पैकेज और लेवल रूप में नहीं की जाती है.

किस दूध पर लगता है टैक्स- आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिन मिल्क प्रोडक्ट्स जैसे दही, लस्सी, बटर मिल्क और पनीर की बिक्री पहले से ही पैकेज्ड और लेबल के रुप में की जाती है.

तो उन पर जीएसटी लागू होता है. इसके अलावा अल्ट्रा हाई ट्रेम्पेचर मिल्क मिल्क भी जीएसटी के अधीन आता है.

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कितना लगता है जीएसटी

बता दें कि पहले से पैकेज्ड और लेबल के रूप में बिक रहे मिल्क प्रोडक्ट पर 5 फीसदी की दर से जीएसटी लागू होता है. इसके अलावा, गाढ़ा दूध, मक्खन, घी और चीज़ पर 12 फीसदी जीएसटी लागू होता है.

बता दें कि जीएसटी से दी जाने वाली छूट और इसकी रेट सभी राज्यों में एकसमान रूप से लागू की जाती है.  इस सवाल पर सरकार ने जवाब दिया है कि जीएसटी की रेट को जीएसटी परिषद की सिफारिशों के आधार पर निर्धारित किया जाता है, जो कि एक संवैधानिक निकाय है और इसे केंद्र और राज्य के प्रतिनिधियों को मिलाकर किया गया है.

किन सामान पर पड़ा है असर?

अब अस्पताल में 5000 रुपये से अधिक किराए वाले जो कमरे हैं, उन पर 5 फीसदी जीएसटी देना होगा. इसके साथ ही चेक
बुक पर 18 फीसदी जीएसटी, 1000 रुपये वाले कमरे पर भी 12 फीसदी जीएसटी, टेट्रा पैक पर 12 फीसदी से बढ़कर 18 फीसदी टैक्स, प्रिंटिंग/राइटिंग या ड्रॉइंग इंक, एलईडी लाइट्स, एलईडी लैम्प पर 12 फीसदी की जगह 18 फीसदी जीएसटी देनी होगा.

इनके अलावा ब्लेड, चाकू, पेंसिल शार्पनर, चम्मच, आटा चक्की, दाल मशीन, अनाज छंटाई मशीन, डेयरी मशीन आदि भी महंगे हो गए हैं.

वहीं, डिफेंस फोर्सेज के लिए आयातित कुछ खास वस्तुओं पर आईजीएसटी नहीं लगेगा और रोपवे के जरिए यात्रा सस्ती हो गई है.