1 साल की FD पर मिल रहा बंपर ब्याज, जानें पूरी डिटेल
FD Rate News: एक साल से भी कम समय में मोटी कमाई मिल जाएगी। सीनियर शहर इससे सबसे अधिक लाभ उठाएंगे। जो सामान्य नागरिकों से 0.50 प्रतिशत अधिक रिटर्न मिलेगा, जानें पूरी जानकारी।
Haryana Update: आपको बता दें, की सरकारी और निजी बैंकों ने देश में कम समय में अधिक पैसे कमाने की योजनाएं लगातार शुरू की हैं, हालांकि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो रेट को कम करके रखा है। सरकारी लेंडर बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी ऐसी योजना शुरू की है।
कैलकुलेशन जिसमें वरिष्ठ नागरिकों और आम लोगों की भी एक साल से भी कम समय में अच्छी कमाई होगी और धन सुरक्षित रहेगा। यहां तक कि बैंक ने इस योजना का नाम भी दिया है। साथ ही, बैंक ऑफ बड़ौदा ने इस कार्यक्रम को आखिरकार क्या नाम दिया? 360 दिनों में निवेशकों को कितनी कमाई होगी?
बीओबी360 योजना: बैंक ऑफ बड़ौदा ने बीओबी360 नामक एक खास एफडी कार्यक्रम शुरू किया है। जैसा कि नाम से पता चलता है, इस स्कीम में निवेशकों को 360 दिनों के लिए पैसे लगाने की आवश्यकता होगी। इसका अर्थ है कि एक साल से भी कम समय में मोटी कमाई मिल जाएगी। सीनियर शहर इससे सबसे अधिक लाभ उठाएंगे। जो सामान्य नागरिकों से 0.50 प्रतिशत अधिक रिटर्न मिलेगा। खास बात यह है कि बैंक के मौजूदा और नए ग्राहक बीओबी360 नामक जमा योजना को किसी भी शाखा में मोबाइल ऐप के माध्यम से या ऑनलाइन खोल सकते हैं।
क्या मिलेगा? रिटर्न बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी नवीनतम जमा योजना में निवेशकों को 7.1 से 7.6 फीसदी प्रति वर्ष ब्याज देगा। बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) ने एक बयान में कहा कि सीनियर सिटीजंस के लिए 7.60 प्रतिशत सालाना ब्याज दर और सामान्य लोगों के लिए 7.10% की ब्याज दर दी गई है। सोमवार को शुरू हुई योजना केवल दो करोड़ रुपए से कम की खुदरा जमाओं पर लागू होगी। पहले 271 दिनों की थोक जमाओं पर बैंक ने 6.25 प्रतिशत ब्याज का प्रस्ताव किया था।
वर्तमान में आरबीआई की नीति दरें उच्च हैं। साथ ही, फरवरी 2023 से अब तक पांच पॉलिसी रेट मीटिंग्स हुई हैं, लेकिन ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि आरबीआई को महंगाई अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है। इसका अर्थ है कि ब्याज दरों को अभी फ्रीज करके रखा जा सकता है। आरबीआई ने मई 2022 से फरवरी 2023 तक रेपो रेट में 2.50% का लगातार इजाफा किया। अमेरिकी फेड रिजर्व ने साल 2024 में तीन बार ब्याज दरों में कटौती की घोषणा की है, इसलिए सभी की निगाहें इस पर हैं।