Haryana: 300 करोड़ की लागत मे तैयार होगा ये रेलवे स्टेशन! लोगों को मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं
Haryana Update : हरियाणा से बड़ी खबर आ रही है, हरियाणा में 300 करोड़ रुपये की लागत से पानीपत रेलवे स्टेशन जल्द ही बनकर तैयार होने जा रहा है। इस पर सभी यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं का लाभ मिलने वाला है। मिली जानकारी के अनुसार रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) वर्ष 2025 में जिलेवासियों के लिए करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से इस रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास करेगा। रेलवे स्टेशन पानीपत इस रेलवे स्टेशन को न सिर्फ अत्याधुनिक तकनीक से विकसित किया जाएगा, बल्कि यहां बहुमंजिला इमारत भी बनाई जाएगी। इस रेलवे स्टेशन की मौजूदा दो मंजिला रेलवे कॉलोनी को बहुमंजिला इमारत में तब्दील किया जाएगा।
कोच इंडिकेटर सिस्टम-
मिली जानकारी के अनुसार खाली पड़ी जमीन को कमर्शियल विकास के लिए डेवलपर्स को दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का पुनर्विकास पब्लिक एंड प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल (PPP) पर किया जाएगा। स्टेशन पर होटल भी बनाए जाएंगे। जानकारी के अनुसार दोनों तरफ दुकानें खुलेंगी। जानकारी के अनुसार, रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए असंध रोड और जाटल रोड फ्लाईओवर के नीचे से रेलवे स्टेशन को जोड़ा जाएगा। सभी प्लेटफार्मों पर कोच इंडिकेटर सिस्टम लगाए जाएंगे।
रेलवे स्टेशन पानीपत-
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरएलडीए ने परियोजना की व्यवहार्यता अध्ययन, विस्तृत मास्टर प्लानिंग, शहरी डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए निजी कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी है। दरअसल, पानीपत रेलवे स्टेशन ऐतिहासिक-व्यावसायिक दृष्टिकोण से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र का एक प्रमुख जंक्शन है। रेलवे स्टेशन पानीपत वर्ष 2020 में दौरे पर आए रेलवे अधिकारियों की टीम ने स्टेशन के पुनर्विकास के लिए तत्कालीन डीसी धर्मेंद्र सिंह, तहसीलदार कुलदीप सिंह और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी।
जानकारी के अनुसार, रेलवे अधिकारियों ने जिला प्रशासन से सहयोग मांगा था कि रेलवे के स्वामित्व वाली जमीन को चिह्नित कर रिकॉर्ड के साथ रेलवे को उपलब्ध कराया जाए। परियोजना में बाधा बने कुछ बिंदु भी पाए गए, जिन्हें दूर करवाने के लिए जिला प्रशासन से भी सहयोग मांगा गया। इस स्टेशन से करीब 54 ट्रेनें गुजरती हैं, 22 ट्रेनें रुकती हैं। पांच प्लेटफॉर्म वाले इस स्टेशन पर रोजाना 30 हजार से ज्यादा यात्री आते-जाते हैं। स्टेशन के पुनर्विकास का उद्देश्य इसे वैश्विक मानकों के अनुरूप अपग्रेड करना और यात्रियों की सुविधा के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। रेलवे स्टेशन पानीपत
सर्वे और ड्राइंग का काम शुरू होगा-
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सर्वे और ड्राइंग का काम पूरा होते ही पुनर्विकास का काम शुरू हो जाएगा और तीन साल में पूरा हो जाएगा। मौजूदा बिल्डिंग और सीढ़ियों को तोड़कर नया दो मंजिला स्टेशन और सीढ़ियां बनाई जाएंगी। रेलवे क्वार्टरों को तोड़कर बहुमंजिला बिल्डिंग बनाई जाएगी, ताकि कम जगह में ज्यादा आवास बनाए जा सकें। रेलवे स्टेशन के दोनों तरफ दुकानें बनाई जाएंगी, यात्रियों को खाने-पीने और खरीदारी की सुविधा भी मिलेगी। स्टेशन की पुरानी बिल्डिंग को भी तोड़कर नए सिरे से बनाया जाएगा, जिसमें वेटिंग रूम को बेहतर बनाया जाएगा।
नया पुल रेलवे स्टेशन पानीपत-
प्राप्त जानकारी के अनुसार मॉडल टाउन क्षेत्र से कनेक्टिविटी के लिए बनाए गए मौजूदा फुटओवर ब्रिज को तोड़कर नया पुल बनाया जाएगा। नए फुटओवर ब्रिज की चौड़ाई अधिक होगी, ताकि पैदल चलने वालों को आने-जाने में कोई परेशानी न हो। यात्रियों के खड़े होने के लिए भी जगह होगी। दोनों तरफ से स्वचालित सीढ़ियां (एस्केलेटर) लगाई जाएंगी।
रियल एस्टेट को बढ़ावा-
प्राप्त जानकारी के अनुसार पानीपत रेलवे स्टेशन ऐतिहासिक और औद्योगिक शहर पानीपत की सेवा करता है। स्टेशन के पुनर्विकास का उद्देश्य इसके ऐतिहासिक महत्व को कम किए बिना इसे उन्नत करना है। अत्याधुनिक स्टेशन के निर्माण से अधिक ट्रेनों का ठहराव होगा। आसपास के जिलों और राज्यों से यातायात बढ़ेगा। इस विकास से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। रेलवे स्टेशन पानीपत
खर्चों का वित्तपोषण-
पीपीपी मॉडल पर बनने वाले इस स्टेशन का निर्माण एक निजी कंपनी द्वारा किया जाएगा। निजी कंपनी होटल और दुकानों को किराए पर देकर खर्च वहन करेगी।