Indian Railways : रेल कर्मी अब बस की तरह सीट पर ही आकर बनाएंगे ट्रेन टिकट!
Indian Railways (Haryana Update) : भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए "मोबाइल यूटीएस" तकनीक शुरू की है। अब रेलकर्मी खुद आपके पास आएंगे और तुरंत अनारक्षित टिकट देंगे। जानिए महाकुंभ जैसे आयोजनों में भीड़ को संभालने में कैसे मददगार साबित होगी यह नई सुविधा ट्रेनों में अनारक्षित टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ी सुविधा शुरू की है। अब यात्रियों को टिकट के लिए टिकट काउंटर पर लंबी लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसकी जगह रेलवे ने "मोबाइल टिकट बुकिंग क्लर्क" की तैनाती शुरू कर दी है। यह नई सुविधा भारतीय रेलवे की आधुनिक तकनीक और यात्री सेवा को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
झांसी स्टेशन पर "मोबाइल यूटीएस" का ट्रायल सफल-
उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन पर "मोबाइल यूटीएस" (मोबाइल अनारक्षित टिकट प्रणाली) का सफल ट्रायल किया गया। यात्रियों को निर्बाध और तेज टिकट सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह नई तकनीक शुरू की गई है। "मोबाइल यूटीएस" एक पोर्टेबल टिकट वितरण प्रणाली है, जिसके तहत रेलवे कर्मी मोबाइल डिवाइस के जरिए प्लेटफॉर्म और वेटिंग हॉल में घूम-घूम कर यात्रियों से गंतव्य स्टेशन पूछकर तत्काल टिकट उपलब्ध कराएंगे।
समय बचाने और बेहतर अनुभव देने की योजना-
“मोबाइल यूटीएस” तकनीक का उद्देश्य यात्रियों का समय बचाना और टिकट प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक बनाना है। अब यात्री बिना किसी अतिरिक्त प्रतीक्षा और काउंटर पर लाइन में लगे बिना आसानी से अनारक्षित टिकट प्राप्त कर सकेंगे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस नई प्रणाली से महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों में भारी भीड़ को संभालने में मदद मिलेगी। लंबी लाइनों से बचने और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए यह एक कारगर कदम साबित होगा।
किस स्टेशनों पर जल्द शुरू होगी यह सेवा?
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने बताया कि आगामी महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए झांसी मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर “मोबाइल यूटीएस” प्रणाली लागू की जाएगी। इनमें झांसी, ग्वालियर, ललितपुर, उरई, चित्रकूट धाम कर्वी, महोबा, बांदा, शिवरामपुर और भारतीकुपर स्टेशन शामिल हैं। भारतीय रेलवे इस नई प्रणाली के माध्यम से यात्री अनुभव को बेहतर बनाने और भीड़ प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
महाकुंभ जैसे आयोजनों के लिए विशेष रूप से उपयोगी-
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, “मोबाइल यूटीएस” प्रणाली विशेष रूप से महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों में बेहद उपयोगी होगी। इस सिस्टम के जरिए भारी भीड़ को नियंत्रित किया जा सकेगा और यात्रियों को जल्दी टिकट उपलब्ध कराया जा सकेगा।
तकनीक के जरिए बेहतर सेवाओं की ओर कदम-
भारतीय रेलवे अपनी सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए लगातार नई तकनीकी सुधारों को अपनाने पर जोर दे रहा है। "मोबाइल यूटीएस" सिस्टम इसका ताजा उदाहरण है। यह सेवा न सिर्फ यात्रियों को बेहतर अनुभव देगी बल्कि रेलवे की कार्यप्रणाली को और भी कुशल बनाएगी।