logo

Delhi Airport पर पैसेंजर्स को मिली नई सुविधा, केवल 30 सेकेंड में उतार सकेंगे सामान

Delhi Airport News: यात्रियों को इस सेल्फ ड्रॉप बैगेज मैकेनिज्म का फायदा मिल रहा है. नई प्रोसेस से पैसेंजर्स को अपना सामान तेजी से उतारने, बैगेज टैग लेने और सिर्फ 30 सेकंड। 

 
Delhi Airport पर पैसेंजर्स को मिली नई सुविधा, केवल 30 सेकेंड में उतार सकेंगे सामान

Haryana Update: दिल्ली एयरपोर्ट से देश-विदेश के अलग-अलग डेस्टिनेशन पर जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. दिल्ली एयरपोर्ट पर सेल्फ-ड्रॉप बैगेज सिस्टम शुरू कर दिया गया है जिसके बाद यात्रियों का चेक-इन करने से लेकर बैगेज टैग लेने औप बोर्डिंग पास लेने का समय घटकर केवल 30 सेकेंड का रह जाएगा. दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का पहला हवाई अड्डा बन गया है जहां यात्रियों को इस सेल्फ ड्रॉप बैगेज मैकेनिज्म का फायदा मिल रहा है. नई प्रोसेस से पैसेंजर्स को अपना सामान तेजी से उतारने, बैगेज टैग लेने और सिर्फ 30 सेकंड में बोर्डिंग पास प्रिंट करने में मदद मिलेगी. पहले ये समय 1 मिनट था जिसे घटाकर आधा कर दिया गया है.

कहां-कहां और किन एयरलाइन के लिए मिली ये सुविधा
दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड यानी DIAL ने एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 और टर्मिनल 3 पर ये सुविधा दी है और इसके लिए अभी 50 सेल्फ-सर्विस बैगेज ड्रॉप यूनिट्स को तैनात किया है. इसके जरिए अभी एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो के हवाई यात्रियों को इस क्विक चेन-इन प्रोसेस का फायदा मिलेगा.

ऑटोमैटिक सेल्फ-ड्रॉप बैगेज मशीनें कैसे काम करती हैं?
आपको एयरपोर्ट पर स्थित CUSS कियोस्क पर उनके बैग टैग कलेक्ट करके अटैच करने होंगे.
फिर बैगों को सेल्फ-बैगेज ड्रॉप (एसबीडी) कन्वेयर बेल्ट पर रखा जाता है.
सिस्टम एक क्लिक से एसबीडी मशीन पर एयरलाइन के एप्लिकेशन को खोल देगा.
एयर ट्रैवलर्स को सेल्फ-डिक्लेयरेशन फॉर्म पर साइन होना होगा.
सेल्फ-बैगेज ड्रॉप सिस्टम एयरलाइंस के दिए गए सभी जरूरी क्राइटेरिया और कमर्शियल नियमों की जांच करेगा.
जैसे ही वैरिफिकेशन पूरा हो जाएगा, यात्रियों का लगेज ऑटोमैटिक तरीके से प्रोसेस हो जाएगा.
यह वन स्टेप प्रोसेस है जहां बोर्डिंग पास या बायोमेट्रिक वैलिडेशन की जरूरत खत्म हो गई क्योंकि ये डिटेल्स बैगेज टैग पर पहले से ही मिल जाते हैं.
भारत का पहला और दुनिया का दूसरा एयरपोर्ट बना दिल्ली हवाई अड्डा
दिल्ली एयरपोर्ट ऐसी सर्विस देने वाला देश का पहला एयरपोर्ट और दुनिया का दूसरा एयरपोर्ट बन गया है. बता दें कि कनाडा के टोरैंटो पर भी समान फैसिलिटी मिल रही है. 

click here to join our whatsapp group