Haryana news: 105 किलोमीटर सुरंग में चलेगी ट्रेन, 11 नए स्टेशन और 5 जिलों को मिलेगा फायदा

हरियाणा में अब 105 किलोमीटर लंबी सुरंग में ट्रेन चलने वाली है, जिससे राज्य के नागरिकों को बहुत बड़ा फायदा होने वाला है। इस प्रोजेक्ट के तहत 11 नए स्टेशन बनाए जाएंगे और 5 जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। यह योजना यात्रियों के लिए समय की बचत करेगी और यात्रा को अधिक आरामदायक बनाएगी। जानें इस प्रोजेक्ट के बारे में पूरी जानकारी और इसके लाभ के बारे में नीचे।
 

Haryana update : उत्तराखंड में चल रही सबसे बड़ी रेल परियोजना, ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक का रेल मार्ग, अब हकीकत में बदलता हुआ नजर आ रहा है। यह परियोजना राज्य के पहाड़ी इलाकों में विकास की गति को बढ़ाने का काम करेगी। भारतीय रेलवे इस परियोजना के तहत देश की सबसे लंबी सुरंग का निर्माण कर चुका है, और इसके तहत कई और लंबी सुरंगों का निर्माण किया जाएगा। इस रेलवे लाइन के पूरी होने के बाद चारधाम यात्रा को लेकर यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

समय और पैसे की बचत

ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक सड़क मार्ग से यात्रा में वर्तमान में 7 घंटे का समय लगता है, लेकिन इस नई रेलवे ट्रैक के निर्माण के बाद यात्रियों का समय और पैसे दोनों की बचत होगी। कुल 125.20 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक में से 105 किलोमीटर सुरंगों के माध्यम से जाएगा, जो पहाड़ी इलाकों में यात्रा को और अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगा।

सुरंगें और पुलों का निर्माण

यह परियोजना न केवल राज्य के लिए बल्कि देश के लिए भी विशेष महत्व रखती है, क्योंकि इस ट्रैक पर 17 सुरंगें और 35 पुल बनाए जाएंगे। इस परियोजना का सबसे प्रमुख हिस्सा 15.1 किलोमीटर लंबी सुरंग होगी, जो देवप्रयास और लछमोली के बीच बनाई जा रही है। इन सुरंगों का निर्माण अत्याधुनिक तकनीकों से किया जा रहा है ताकि पर्यावरण को न्यूनतम नुकसान हो।

213 किलोमीटर सुरंग का निर्माण

रेल मंत्रालय के हालिया ट्वीट के अनुसार, इस परियोजना के तहत 213 किलोमीटर लंबी सुरंगों का निर्माण किया जाएगा। इनमें से 176 किलोमीटर सुरंग पहले ही पूरा हो चुका है। इसके साथ ही 11 नए स्टेशन भी बन रहे हैं, जो ट्रैक के पूरे निर्माण को पूरा करने में मदद करेंगे। यह परियोजना न केवल पर्यटकों के लिए बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी यात्रा की सुविधाएं बढ़ाएगी।

5 जिलों को होगा फायदा

इस परियोजना से उत्तराखंड के 5 जिलों को सीधे लाभ होगा, जिसमें देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, और चमोली शामिल हैं। इन जिलों के लोगों के लिए अब यात्रा करना और भी आसान हो जाएगा। यह परियोजना चारधाम यात्रा को लेकर भी महत्वपूर्ण साबित होगी, क्योंकि तीर्थयात्रियों को अब इन क्षेत्रों तक पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।

सुरक्षा की दृष्टि से

इस परियोजना में सुरंगों का निर्माण दो हिस्सों में किया जा रहा है। एक मुख्य सुरंग होगी, जिसके माध्यम से ट्रेन यात्रा करेगी, जबकि दूसरी सुरक्षा सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। इस सुरंग का उपयोग आपातकालीन स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए किया जाएगा। दोनों सुरंगों को जोड़ने के लिए हर 500 मीटर पर एक क्रॉस रोड भी तैयार किया जाएगा, जिससे दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों को जल्दी और सुरक्षित निकाला जा सके।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना उत्तराखंड के लिए एक महत्वपूर्ण विकास कदम है, जो न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा बल्कि राज्य के ग्रामीण इलाकों के विकास में भी सहायक होगा। इस परियोजना से आने वाले समय में पहाड़ी इलाकों में यात्रा करना और भी सुरक्षित, तेज, और सुविधाजनक होगा।