समय से पहले लोन भरने वाले इस बात से रहते है बेखबर, जानिए पूरी डीटेल 

लोन की किश्त जल्दी भरने वालो के लिए जरूरी अपडेट सामने आई है, हाल ही में एक नया नियम आया है, जिसके चलते जल्दी लोन भरने वालों को मुश्किल होने वाली है इससे आपके CIBIL...
 

Haryana Update : देश में Home की खरीदारी में तेजी दिख रही है. इसके प्रमुख कारणों में सस्ते होम Loan और अफोर्डेबल होम्स शामिल हैं. Loan लेकर Home खरीदने की प्रवृत्ति बढ़ी है. प्रीपेमेंट की सुविधा मिलने से लोग समय से पहले भी Loan को चुका देते हैं. लेकिन क्या ऐसा करना हर बार सही होता है?आइए जानते है इसके बारे में विस्तार से.

Home की कीमत ज्यादा होती है इसलिए अक्सर लोग एकमुश्त पैसा देने की बजाय Loan लेकर Home खरीदना पसंद करते हैं. कई बार लोग पूरा पैसा होते हुए भी ऐसा करते हैं. इसके कई reason हो सकते हैं लेकिन 2 प्रमुख रीज़न समझ में आते हैं. पहला कि बहुत सारा पैसा एक साथ कहीं Block नहीं होता और आपातकालीन स्थिति के लिए लिक्विडिटी बनी रहती है. दूसरा कारण यह है कि bank किसी भी Property पर Loan देने से पहले उसकी अच्छे से जांच परख करते हैं इससे खरीदार को भी पता चलता है कि क्या वह जो Property खरीदने जा रहा है उसमें कोई झोल तो नहीं है. खरीदार कई बार ऐसा सोचते हैं कि Loan पर Home लेकर Loan को प्रीपेमेंट कर जल्दी निपटा दिया जाएगा.

Penalty के अलावा और क्या नुकसान

कई बार बैंकों द्वारा लगाई जा रही Penalty इतनी ज्यादा होती है कि आप प्रीपेमेंट ना करना ही ठीक सकते हैं. लेकिन Penalty ही इकलौता कारण नहीं है जिसके बारे में प्रीपेमेंट से पहले आपको सोचना चाहिए. जैसा कि हमने ऊपर कहा कि बड़ी रकम एकसाथ चुका देने से लिक्विडिटी पर असर पड़ता है. इसका मतलब है कि इमरजेंसी के वक्त फंड की कमी पड़ सकती है. उस समय फिर दूसरों के सामने हाथ फैलाने की नौबत आ सकती है. दूसरा रीज़न Tax है. होम Loan के मूलधन और इंटरेस्ट दोनों पर Tax में Discount मिलती है. आप आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत होम Loan पर 1.5 लाख तक की Discount प्राप्त कर सकते हो. इसके अलावा आपको ब्याज पर 2 लाख रुपये तक का एग्जंप्शन मिलता है. प्रीपेमेंट करने से आप ये सुविधा छोड़ रहे होते हैं.


लेकिन क्या prepayment करना हर बार सही होता है? इसका जवाब है- नहीं. कई bank इसके लिए ग्राहक पर Penalty लगाते हैं. अब सवाल उठता है कि कोई भी संस्थान अपना पैसा जल्दी वापस लेने से क्यो कतराएगा. इसका सीधा सा जवाब है कि bank एक तय समय तक दिए गए Loan पर जिस ब्याज की उम्मीद कर रहा था प्रीपेमेंट के कारण उसे वह नहीं मिलेगा. ब्याज ही bank का मुनाफा होता है. इसलिए वह अपना मुनाफा कम होता देख ग्राहक पर Penalty लगा देता है. हालांकि, ऐसे कई bank हैं जो Penalty नहीं भी लगाते हैं. इसके लिए आपको bank से Loan पास कराते वक्त ही बात करनी होगी.


क्या करें?

आप Loan अगर जल्दी खत्म करना चाहते हैं तो सबसे पहले इस बात का ध्यान रखें कि आपको पास इमरजेंसी के लिए पर्याप्त फंड हो. आप ऐसा भी कर सकते हैं कि Loan को थोड़ा-थोड़ा प्रीपेमेंट करें. इससे Loan का टेन्योर भी घटता चला जाएगा और आप Tax वाला लाभ भी उठाते रहेंगे. अगर आपका bank कोई Penalty नहीं लगा रहा है तो भी आप प्रीपेमेंट को कंसिडर कर सकते हैं. आरबीआई के नियम के अनुसार, Loan की ब्याज दर फ्लोटिंग है तो bank प्रीपेमेंट पर Penalty नहीं लगा सकता है.