Haryana : हरियाणा की ये व्हिस्की हुई देश विदेशो मे मशहूर, लोग हुए इसके दीवाने 

Haryana : हरियाणा की एक खास व्हिस्की ने देश-विदेश में धूम मचा दी है। इसकी बेहतरीन क्वालिटी और स्वाद के कारण लोग इसके दीवाने हो रहे हैं। कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी मांग तेजी से बढ़ी है, जिससे हरियाणा की शराब इंडस्ट्री को भी बड़ा फायदा मिल रहा है। अगर आप जानना चाहते हैं कि यह व्हिस्की कौन सी है और इसकी खासियत क्या है, तो नीचे जानें पूरी डिटेल।
 
 
Haryana update : हरियाणा अक्सर किसी न किसी वजह से सुर्खियों में बना रहता है, लेकिन इस बार राज्य का नाम शराब की वजह से चर्चा में है। प्रदेश में बनने वाली एक खास सिंगल माल्ट व्हिस्की का स्वाद यूरोप के लोगों को इतना पसंद आ रहा है कि वे इसकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। यह मामला इतना चर्चित हो गया कि राज्यसभा में भी इसकी चर्चा हुई।

स्विस मंत्री की बात सुनकर हैरान रह गए पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि कुछ समय पहले जब वे स्विट्जरलैंड के दौरे पर गए थे, तो वहां के एक मंत्री ने हरियाणा में बनी सिंगल माल्ट व्हिस्की की खूब तारीफ की। यह सुनकर वे चौंक गए, क्योंकि उन्हें पहले इस बात की जानकारी नहीं थी।

राज्यसभा में हरियाणा से निर्दलीय सांसद कार्तिकेय शर्मा के एक सवाल का जवाब देते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि तीन महीने पहले वे एक बैठक के लिए ज्यूरिख गए थे। वहां एक स्विस मंत्री ने उनसे कहा कि भारत की एक व्हिस्की यूरोप में बहुत लोकप्रिय हो रही है और लोग इसे प्रीमियम ड्रिंक के तौर पर खरीद रहे हैं।

इंद्री गांव में होता है उत्पादन

हरियाणा के करनाल जिले के एक छोटे से गांव इंद्री में बनने वाली इस व्हिस्की ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी खास पहचान बना ली है। स्विस मंत्री ने इस व्हिस्की की तारीफ करते हुए कहा कि यह यूरोप में बनने वाली अन्य प्रसिद्ध व्हिस्की ब्रांड्स से भी ज्यादा स्वादिष्ट है।

पीयूष गोयल ने आगे कहा कि "मैं खुद व्हिस्की नहीं पीता, लेकिन जब स्विस मंत्री ने इसकी इतनी तारीफ की, तो मुझे बहुत हैरानी हुई। मुझे नहीं पता था कि यह हरियाणा में बनती है और यूरोप में एक प्रीमियम ब्रांड के रूप में बेची जाती है।"

यूरोप में बढ़ रही मांग

हरियाणा के इंद्री गांव में बनने वाली इस सिंगल माल्ट व्हिस्की की यूरोप में जबरदस्त मांग है। इसे वहां के बाजारों में आसानी से उपलब्ध नहीं कराया जाता, क्योंकि इसकी मांग ज्यादा और उत्पादन सीमित है।

इस खबर से यह साफ हो गया कि हरियाणा न केवल कृषि और उद्योग में आगे बढ़ रहा है, बल्कि अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी अलग पहचान बना रहा है।