Tax Rules: अपने खाते से पैसे निकालने पर देना होगा इतना टैक्स, जानिए क्या कहते हैं नियम

Income Tax Rules: यह नियम विशेष रूप से उन लोगों पर लागू होता है जिन्होंने पिछले तीन वर्षों से आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल नहीं किया है। ऐसे लोगों को किसी भी बैंक, को-ऑपरेटिव बैंक या पोस्ट ऑफिस से 20 लाख रुपये से अधिक की निकासी पर TDS का भुगतान करना होगा।
 

Income Tax Rules: अगर आपको लगता है कि आप अपने बैंक खाते से जितना चाहे उतना कैश निकाल सकते हैं, तो थोड़ा रुकिए! आयकर अधिनियम की धारा 194N के तहत, यदि एक वित्तीय वर्ष में 20 लाख रुपये से अधिक की नकद निकासी की जाती है तो TDS (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) देना होगा। यह नियम विशेष रूप से उन लोगों पर लागू होता है जिन्होंने पिछले तीन वर्षों से आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल नहीं किया है। ऐसे लोगों को किसी भी बैंक, को-ऑपरेटिव बैंक या पोस्ट ऑफिस से 20 लाख रुपये से अधिक की निकासी पर TDS का भुगतान करना होगा।

अगर आप नियमित रूप से आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करते हैं, तो आपको कुछ राहत मिलती है। ITR भरने वाले लोग 1 करोड़ रुपये तक की नकद निकासी बिना किसी TDS के कर सकते हैं। लेकिन अगर आपकी निकासी 1 करोड़ रुपये से अधिक हो जाती है, तो आपको 2% की दर से TDS का भुगतान करना होगा। वहीं, ITR न भरने वालों के लिए 20 लाख रुपये से अधिक की निकासी पर 2% और 1 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी पर 5% TDS लागू होगा।

सिर्फ बैंक से कैश निकालने पर ही नहीं, बल्कि ATM ट्रांजेक्शन पर भी चार्ज लागू होता है। अपने ही बैंक के ATM से महीने में 5 बार फ्री ट्रांजेक्शन किए जा सकते हैं, जबकि अन्य बैंकों के ATM से मेट्रो शहरों में 3 और नॉन-मेट्रो में 5 ट्रांजेक्शन फ्री होते हैं। यदि आप इन सीमाओं से अधिक बार कैश निकालते हैं, तो प्रति ट्रांजेक्शन 21 रुपये का शुल्क लगेगा।

अगर आप इस टैक्स से बचना चाहते हैं, तो कुछ सावधानियां बरतनी होंगी। सबसे आसान तरीका है कि नियमित रूप से ITR दाखिल करें, जिससे 1 करोड़ रुपये तक की निकासी पर TDS नहीं कटेगा। इसके अलावा, यदि आपको बड़े अमाउंट की नकद निकासी करनी है, तो इसे अलग-अलग माध्यमों (डिजिटल पेमेंट, चेक आदि) से करने की योजना बनाएं। इससे आप TDS के अतिरिक्त बोझ से बच सकते हैं।

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