Haryana News: सैनी सरकार ने दिया तोहफा, इन कर्मचारियों की नौकरी होगी पक्की

Haryana News: हरियाणा की सैनी सरकार ने कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी दी है। सरकार ने कुछ विशेष श्रेणी के कच्चे कर्मचारियों की नौकरी पक्की करने का फैसला लिया है, जिससे हजारों कर्मचारियों को स्थायी रोजगार का लाभ मिलेगा। लंबे समय से स्थायी नियुक्ति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए यह एक बड़ी राहत है। अगर आप भी इस फैसले से जुड़े अपडेट चाहते हैं, तो नीचे जानें पूरी डिटेल।
 
 
Haryana update : हरियाणा सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत एक्सटेंशन और गेस्ट लेक्चरर्स के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने इनके रोजगार को सेवानिवृत्ति आयु (58 वर्ष) तक सुरक्षित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत तकनीकी कॉलेजों में तैनात अतिथि संकाय (Guest Faculty) को भी लाभ मिलेगा।

सरकार ने जारी की अधिसूचना

सरकार के विधि व विधायी विभाग के विशेष सचिव अमरजीत सिंह ने इस फैसले से जुड़ी आधिकारिक अधिसूचना शुक्रवार को जारी की। यह निर्णय उन एक्सटेंशन और गेस्ट लेक्चरर्स के लिए राहत लेकर आया है, जिन्होंने 15 अगस्त 2024 तक पांच साल की सेवा पूरी कर ली है। अब उन्हें 58 वर्ष की आयु तक हटाया नहीं जा सकेगा।

क्या होंगे नए लाभ?

इन शिक्षकों को अब स्थायी प्राध्यापकों की तरह विभिन्न लाभ दिए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:
 महंगाई भत्ता (DA): हर साल जनवरी और जुलाई में बढ़ेगा।
 चिरायु योजना: स्वास्थ्य संबंधी लाभ मिलेंगे।
 मृत्यु व सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी: सेवानिवृत्ति या मृत्यु के बाद वित्तीय सुरक्षा।
 मातृत्व लाभ: महिला शिक्षकों को प्रसूति अवकाश व अन्य सुविधाएं।
 एक्सग्रेसिया (Ex-Gratia): आपातकालीन वित्तीय सहायता।

किसे नहीं मिलेगा लाभ?

  • जिन शिक्षकों की उम्र 58 साल हो गई है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
  • जिन्हें पहले से हटा दिया गया है या जिन्होंने खुद त्यागपत्र दे दिया है, वे इस फैसले के दायरे में नहीं आएंगे।

हरियाणा में कितने शिक्षकों को मिलेगा फायदा?

हरियाणा के राजकीय महाविद्यालयों में फिलहाल:

  • 2000 एक्सटेंशन लेक्चरर कार्यरत हैं।
  • 46 गेस्ट लेक्चरर तैनात हैं।

इसके अलावा, सरकार 1400 से अधिक अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों की नौकरी भी 58 साल की उम्र तक पक्की करने पर विचार कर रही है।

क्या होगा असर?

इस फैसले से हरियाणा के कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों में काम कर रहे हजारों शिक्षकों को रोजगार सुरक्षा मिलेगी। अब वे बिना किसी डर के अपनी सेवाएं जारी रख सकेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ भी उठा सकेंगे।