सावधान! UPI स्कैन कोड से हो रहा है स्कैम, जानें स्कैमर्स का नया तरीका
सावधान! UPI स्कैन कोड से हो रहा है स्कैम, जानें स्कैमर्स का नया तरीका। स्कैमर्स अब UPI कोड का इस्तेमाल करके आपकी जानकारी चुरा रहे हैं और पैसे की धोखाधड़ी कर रहे हैं। इस तरह के स्कैम से बचने के लिए हमें सतर्क रहना चाहिए और केवल भरोसेमंद स्रोतों से ही UPI कोड स्कैन करना चाहिए। नीचे जानें पूरी जानकारी और इससे बचने के उपाय।
Haryana update : UPI क्यूआर कोड से जुड़ा नया स्कैम अब सामने आया है, और यह एक चेतावनी है उन सभी लोगों के लिए जो ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते हैं। अगर आप भी क्यूआर कोड से पेमेंट करते हैं तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी हो सकती है। हाल ही में मध्य प्रदेश के खजुराहो में स्कैमर्स ने एक नया तरीका अपनाया है, जिससे वह दुकानदारों से पैसे चोरी कर रहे हैं। इस स्कैम में स्कैमर्स ने दुकानों के क्यूआर कोड बदलकर अपने खुद के क्यूआर कोड लगा दिए। इससे पेमेंट करने वाले कस्टमर्स के पैसे सीधे स्कैमर के अकाउंट में जा रहे थे, न कि दुकानदार के अकाउंट में।
कैसे हुआ यह नया स्कैम?
यह UPI क्यूआर कोड स्कैम स्कैमर्स ने एक बहुत ही चालाक तरीका अपनाया है। रात के अंधेरे में, स्कैमर्स ने दुकानों और अन्य व्यावासिक स्थानों के क्यूआर कोड बदल दिए। जब लोग उस क्यूआर कोड को स्कैन करके पेमेंट करने की कोशिश करते थे, तो उनका पैसा उन दुकानों तक नहीं पहुंचता था, बल्कि सीधे स्कैमर के अकाउंट में चला जाता था। यह धोखाधड़ी तब सामने आई जब दुकानदारों के UPI पेमेंट्स उनके अकाउंट में नहीं पहुंचे।
इसकी जांच के दौरान पुलिस ने कंफर्म किया कि पेट्रोल पंप्स और अन्य व्यवसायों के क्यूआर कोड को भी बदलकर फर्जी बना दिया गया था। दुकानदारों ने यह महसूस किया कि क्यूआर कोड में कुछ गड़बड़ है जब उनके अकाउंट में पेमेंट का नोटिफिकेशन नहीं आया।
क्या था इस धोखाधड़ी का तरीका?
स्कैमर्स ने जो क्यूआर कोड बदले, वह बिल्कुल वैसे ही दिखते थे जैसे असल क्यूआर कोड होते हैं, जिससे कोई भी ग्राहक आसानी से धोखा खा सकता था। स्कैमर्स का मुख्य उद्देश्य यह था कि जब कोई ग्राहक पेमेंट करता, तो वह क्यूआर कोड में बदलाव के कारण अपने पैसे स्कैमर के अकाउंट में भेजता था। जब दुकानदार ने यह महसूस किया कि उनके अकाउंट में पेमेंट नहीं आया, तो उन्होंने इसके बारे में पुलिस में शिकायत की। सीसीटीवी फुटेज की जांच में यह सामने आया कि रात के अंधेरे में फर्जी क्यूआर कोड लगाए गए थे।
कैसे बच सकते हैं इस स्कैम से?
इस नए UPI स्कैम से बचने के लिए आपको कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए:
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हर दिन क्यूआर कोड की जांच करें: जैसे ही आप अपनी दुकान खोलें, सबसे पहले अपने क्यूआर कोड को स्कैन करें और यह सुनिश्चित करें कि कोड में सही नाम दिखाई दे रहा है। अगर स्कैन करते समय नाम किसी दूसरे का दिखाई दे, तो तुरंत क्यूआर कोड को हटा दें और इसकी शिकायत करें।
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कस्टमर से नाम की पुष्टि करें: जब भी कोई कस्टमर पेमेंट करता है, उनसे यह पूछें कि उनके स्क्रीन पर किसका नाम शो हो रहा है। यह तरीका आपको क्यूआर कोड के साथ कोई धोखाधड़ी होने से पहले ही पहचानने में मदद करेगा।
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पेमेंट के बाद अपना अकाउंट चेक करें: जब कोई कस्टमर सक्सेसफुल पेमेंट की स्क्रीन दिखाता है, तो आप अपना अकाउंट चेक करें। अगर आपको पेमेंट का नोटिफिकेशन नहीं मिलता है, तो तुरंत कस्टमर से कंफर्म करें कि पेमेंट हुआ था या नहीं।
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ऑनलाइन पेमेंट्स के लिए वेरिफिकेशन प्रक्रिया: ऑनलाइन पेमेंट्स के दौरान, क्यूआर कोड की प्रामाणिकता जांचने के अलावा, ट्रांजेक्शन के दौरान और पेमेंट के बाद की सभी जानकारी को भी सही से वेरिफाई करें। अगर आपको पेमेंट के बारे में कोई भी संदेह हो, तो तुरंत संबंधित बैंक या पेमेंट गेटवे से संपर्क करें।
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क्यूआर कोड के स्टीकर पर ध्यान दें: क्यूआर कोड के स्टीकर को कहीं से भी जोड़ने से पहले, यह सुनिश्चित करें कि वह स्टीकर पूरी तरह से सत्यापन किया गया हो। अगर आपको शक हो, तो ऐसे क्यूआर कोड का इस्तेमाल न करें।
क्या इस स्कैम से बचने के लिए सरकार ने कोई कदम उठाए हैं?
भारत सरकार और विभिन्न बैंकिंग संस्थाएं लगातार डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के उपायों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही हैं। इसके अलावा, ग्राहकों और दुकानदारों को इस तरह के स्कैम से अवगत कराने के लिए समय-समय पर साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान भी चलाए जाते हैं। इसके बावजूद, उपभोक्ताओं को हमेशा सतर्क रहने की जरूरत होती है ताकि वे ऐसे स्मार्ट स्कैमर्स से बच सकें।
इस नए UPI क्यूआर कोड स्कैम से यह साफ है कि डिजिटल भुगतान की बढ़ती लोकप्रियता के साथ, धोखाधड़ी के तरीके भी विकसित हो रहे हैं। अगर आप भी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखकर आप अपने पैसे को सुरक्षित रख सकते हैं। इस स्कैम को पकड़ने के लिए जल्दी कार्रवाई की जरूरत होती है, और समय रहते अगर आपने सावधानियाँ बरतीं, तो आप आसानी से इस तरह की धोखाधड़ी से बच सकते हैं।