FMCG कंपनियों ने क्यों लिया छोटे पैकेट वाले बिस्किट-नमकीन न बेचने का फैसला? जानें इसके पीछे की वजह

ब्लिंकिट और जेप्टो जैसी ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों पर अब छोटे पैकेट वाले बिस्किट-नमकीन नहीं मिलेंगे। FMCG कंपनियों ने यह फैसला लिया है क्योंकि छोटे पैकेटों पर लागत ज्यादा आती है और मुनाफा कम होता है। इसके अलावा, इन पैकेटों का परिवहन भी महंगा होता है। इस कदम से कंपनियां लागत कम करने और मुनाफा बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। जानें पूरी जानकारी।
 

Haryana update : क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे ब्लिंकिट, जेप्टो और अन्य ने पिछले कुछ सालों में बड़ी तेजी से विस्तार किया है, और अब लोग इन ऐप्स के जरिए छोटी से बड़ी चीज़ें मंगवा रहे हैं। हालांकि, इस विस्तार का एक नकारात्मक प्रभाव छोटे दुकानदारों पर पड़ा है, जो अपनी दुकान से छोटी पैकिंग वाले उत्पादों को बेचते हैं। इसी कारण, प्रमुख FMCG कंपनियां जैसे हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, पारले प्रोडक्ट्स और अदानी विल्मर ने अब अपने छोटे पैकेजिंग प्रोडक्ट्स को क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बेचना बंद करने का फैसला किया है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य छोटे दुकानदारों की मदद करना और उनका व्यवसाय आसान बनाना है।

छोटे दुकानदारों की मदद के लिए पैकिंग बदलने की योजना

इन कंपनियों ने अब क्विक कॉमर्स के लिए अलग पैक और कीमतों के हिसाब से प्रोडक्ट लॉन्च करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसका मतलब है कि जो छोटे पैक, जैसे कि 30-50 रुपये के बिस्किट, पहले क्विक कॉमर्स ऐप्स पर बिक रहे थे, वे अब किराना दुकानों पर ही उपलब्ध होंगे। पारले जैसे बड़े ब्रांड्स ने अपने प्रसिद्ध बिस्किट ब्रांड्स जैसे पारले-जी, हाइड एंड सीक, क्रैक जैक, मोनाको के लिए क्विक कॉमर्स के लिए अलग पैक लॉन्च किए हैं, जिनकी कीमत 50-100 रुपये के बीच होगी। वहीं, छोटे पैक वाले बिस्किट और नमकीन किराना दुकानों पर 30 रुपये तक की कीमत पर उपलब्ध रहेंगे। इससे ग्राहकों को न केवल कीमतों में भिन्नता मिलेगी, बल्कि दुकानदारों को भी उनके छोटे पैक बेचने का अवसर मिलेगा।

क्विक कॉमर्स और किराना दुकानदारों के बीच टकराव

पारले के वाइस प्रेसिडेंट, मयंक शाह ने कहा कि क्विक कॉमर्स ने पहले छोटे पैकेज की मांग बढ़ाई थी, जो मुख्य रूप से किराना दुकानदारों के लिए डिज़ाइन किया गया था। लेकिन अब, जब लोग छोटे पैकेज को क्विक कॉमर्स से मंगवाने लगे हैं, तो यह किराना दुकानदारों के लिए नुकसान का कारण बन रहा है। इसलिए, FMCG कंपनियां अब अपने क्विक कॉमर्स पैक को अलग-अलग कीमतों पर लॉन्च करके इस टकराव से बचने की कोशिश कर रही हैं।

क्विक कॉमर्स से महंगी खरीदारी का ट्रेंड

आईटीसी, अदानी विल्मर और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे प्रमुख ब्रांड्स ने भी अपने क्विक कॉमर्स पैक लॉन्च करने की योजना बनाई है, जिनकी कीमतें थोड़ा अधिक होंगी। अदानी विल्मर के चीफ एग्जीक्यूटिव, अंगशु मलिक ने कहा कि इस नए पैक की कीमत सामान्य किराना दुकानों से अधिक होगी, क्योंकि क्विक कॉमर्स से खरीदारी करने वाले ग्राहक आम तौर पर अच्छी आर्थिक स्थिति में होते हैं और वे थोड़ी अधिक कीमत चुकाने के लिए तैयार रहते हैं।

क्विक कॉमर्स के महंगे पैक के पीछे का कारण

क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर महंगे पैक की कीमतों का असर ग्राहक पर पड़ेगा, लेकिन कंपनियां इसे इस वजह से अपनाने जा रही हैं, क्योंकि इन प्लेटफॉर्म्स पर लोग जल्दी से खरीदारी करते हैं और ग्राहकों को सुविधा मिलती है। इस प्रकार, इन कंपनियों को उम्मीद है कि क्विक कॉमर्स पर बेचे जाने वाले पैक से उनकी बिक्री में वृद्धि होगी, जबकि किराना दुकानदारों को उनके नियमित ग्राहकों के लिए छोटे पैक बेचे जा सकेंगे।

निष्कर्ष

FMCG कंपनियों द्वारा छोटे पैकेजिंग प्रोडक्ट्स को क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से हटा देने का निर्णय छोटे दुकानदारों की मदद करने और व्यापारिक संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। हालांकि, इससे क्विक कॉमर्स से महंगी खरीदारी हो सकती है, लेकिन यह दुकानदारों को अपने व्यवसाय में बनी रहने की ताकत देगा और ग्राहकों को भी सही कीमतों पर गुणवत्ता वाले उत्पाद प्राप्त होंगे।