Haryana : हरियाणा में गुरुग्रामवासियों को बड़ा झटका! 5 हजार मकान होंगे सील

Haryana : हरियाणा के गुरुग्राम में 5 हजार मकानों को सील करने का फैसला लिया गया है। यह कार्रवाई अवैध निर्माणों के खिलाफ की जा रही है, जहां नियमों का उल्लंघन किया गया है। प्रशासन ने इन मकान मालिकों को नोटिस जारी कर दिया है। इस फैसले से गुरुग्रामवासियों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि कई लोग इस कार्रवाई से प्रभावित हो सकते हैं। जानें पूरी डिटेल और प्रभावित इलाके की जानकारी नीचे।
 
 
Haryana update : पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-एक से फेज- पांच तक के लगभग पांच हजार मकानों को सील करने का आदेश दिया है। यह आदेश नक्शे और ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (OC) के उल्लंघन के मामले में दिया गया है। उच्च न्यायालय ने गुरुवार को 2021 में दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत ने हरियाणा सरकार को आदेश दिया कि वह दो महीने के अंदर इन मकानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करे और 19 अप्रैल तक इसकी रिपोर्ट उच्च न्यायालय में प्रस्तुत करे।

डीएलएफ फेज-तीन के आरडब्ल्यूए ने दायर की थी याचिका

डीएलएफ फेज-तीन की आरडब्ल्यूए (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) ने 2021 में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग को शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक इन मकानों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इन मकानों में नियमों का उल्लंघन किया गया था, जहां कुछ मकानों में छह से सात मंजिलों का निर्माण किया गया और व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जो पार्किंग और बुनियादी सुविधाओं पर असर डाल रही हैं।

जिला अदालत से स्टे आदेश

डीटीपीई (नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग) कार्यालय द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस के बाद, जिला अदालत ने 172 मकानों पर कार्रवाई पर स्टे (रोक) आदेश दिया था। इनमें डीएलएफ फेज-एक में 29, फेज-2 में 70, फेज-3 में 50, फेज-4 में 12 और फेज-5 में 11 मकान शामिल हैं। अब उच्च न्यायालय ने जिला अदालत को आदेश दिया है कि वह याचिकाकर्ता को सुनवाई का मौका देते हुए इन मामलों का निपटान दो महीने के अंदर करें। अदालत ने स्पष्ट किया है कि इस अधिनियम के तहत दायर याचिका जिला अदालत के क्षेत्राधिकार में नहीं आती है, और भविष्य में इस तरह के मामलों की सुनवाई जिला अदालत में नहीं की जाए।

डीएलएफ के विभिन्न फेजों में नियमों का उल्लंघन

डीएलएफ फेज-तीन में कुल 3124 ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के प्लॉट हैं, जिनमें से 2289 मकानों में नक्शे और कब्जा प्रमाण पत्र का उल्लंघन पाया गया है। इसमें से 40 प्रतिशत मकानों में व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। डीटीपीई कार्यालय की तरफ से 2245 मकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

फेज-तीन के मुख्य प्लॉट की संख्या 2374 है, जिनमें से 602 मकानों में नियमों का उल्लंघन पाया गया है, और 343 को कारण बताओ नोटिस दिया गया है।

डीएलएफ फेज-एक में 43 ईडब्ल्यूएस मकानों में से 20 में उल्लंघन पाया गया है। फेज-2 में 3228 मुख्य प्लॉट हैं, जिनमें से 451 में नियमों का उल्लंघन किया गया है और 100 को नोटिस जारी किए गए हैं। फेज-4 में 330 ईडब्ल्यूएस मकानों में से 128 में उल्लंघन पाया गया है, जबकि 1310 मुख्य प्लॉट में से 134 में उल्लंघन है।

फेज-5 में 252 ईडब्ल्यूएस मकानों में से 128 में नियमों का उल्लंघन पाया गया है। हालांकि, अभी इन मकानों का सर्वे जारी है।

गुरुग्राम में नियमों का उल्लंघन करने वाले मकानों पर उच्च न्यायालय द्वारा सख्त कार्रवाई की गई है। इस फैसले से यह संदेश जाता है कि भविष्य में इस तरह के उल्लंघनों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और सरकार तथा संबंधित विभागों को सुनिश्चित करना होगा कि इस तरह के मामलों में समय रहते कार्रवाई की जाए।