Haryana : विदेशी पक्षियों की 19 प्रजातियां मिलीं, हरियाणा के इस गांव में बनेगी बर्ड सेंचुरी
44 प्रजातियों के पक्षी मिले, 19 विदेशी
पक्षी संरक्षण टीम ने निरीक्षण के दौरान 44 अलग-अलग प्रजातियों के पक्षियों को देखा। इनमें से 25 प्रजातियां भारतीय हैं, जबकि 19 विदेशी प्रजातियों के पक्षी भी इस क्षेत्र में मौजूद मिले। इनमें एशियन और साइबेरियन प्रजाति के पक्षी भी शामिल हैं।
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टीम ने बताया कि यहां कुछ पक्षी ऐसे भी मिले हैं, जो हिमालय की ऊंचाइयों को पार करके इस क्षेत्र में पहुंचे हैं। इसके अलावा 3 प्रजातियां ऐसी हैं, जो विलुप्त होने की कगार पर हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर अब राज्य सरकार द्वारा इस क्षेत्र को बर्ड सेंचुरी घोषित करने की पहल की जाएगी।
विलुप्त होने की कगार पर ये प्रजातियां
दिल्ली से पहुंचे पक्षी विशेषज्ञ टी.के. रॉय ने बताया कि इस क्षेत्र में कुछ बेहद दुर्लभ पक्षी भी पाए गए हैं। इनमें पेटेंट स्टार्क और ब्लैक हैडेड जैसी प्रजातियां शामिल हैं, जो दुनिया में विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं।
इसके अलावा यूरेसियन स्पून बिल नामक पक्षी भारत में अब बहुत ही कम दिखाई देता है। यह पक्षी दूसरे देशों में तो पाया जाता है, लेकिन भारत में इसे विलुप्ति की श्रेणी में रखा गया है। ऐसे पक्षियों की मौजूदगी इस क्षेत्र को संरक्षण के लिए बेहद खास बनाती है।
बर्ड सेंचुरी से बढ़ेगा पर्यटन और रोजगार
टीम में शामिल जैव विविधता जिला समन्वयक बबीता श्योराण ने बताया कि जलभराव वाले इस क्षेत्र का पूरा डाटा तैयार किया गया है। इस रिपोर्ट को सरकार को सौंपा जाएगा, ताकि इस क्षेत्र को आरक्षित घोषित किया जा सके और पक्षियों को संरक्षण मिल सके।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि सरकार इस जगह को बर्ड सेंचुरी घोषित करती है, तो इसका फायदा पूरे क्षेत्र को मिलेगा। यह स्थान पर्यटन के लिहाज से भी बेहद अनुकूल है, जिससे इस क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
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गांव को मिलेगी नई पहचान
गांव बिरही कलां के सरपंच राजबीर सिंह ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस क्षेत्र में बर्ड सेंचुरी बनाती है, तो इससे गांव और जिले का विकास तेज होगा।
इसके क्या फायदे होंगे?
- पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
- स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- गांव को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
- पक्षियों की दुर्लभ प्रजातियों को संरक्षण मिलेगा।
सरकार जल्द ले सकती है फैसला
अब जब इस क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में विदेशी और दुर्लभ प्रजातियों के पक्षी मिले हैं, तो सरकार जल्द ही इसे बर्ड सेंचुरी घोषित करने का फैसला ले सकती है। यदि ऐसा होता है, तो यह हरियाणा की पहली बड़ी बर्ड सेंचुरी बन सकती है। इससे न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह चरखी दादरी के लिए एक बड़ी उपलब्धि भी होगी।