Ind Vs Aus: रोहित ने कह दी ICC को चुभने वाली बात

Ind Vs Aus: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (Border Gavaskar Trophy) के तीसरे मैच (Ind vs Aus 3rd Test) में कंगारू टीम ने टीम इंडिया को करारी शिकस्त दी.
 

76 रन के मामूली लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने महज 1 विकेट खोकर जीत हासिल कर ली. हालांकि टीम इंडिया अब भी 2-1 से सीरीज में बढ़त बनाए हुए है.

 

 

इंदौर टेस्ट में मैच महज ढाई दिन में खत्म हो गया, जिसके बाद पिच पर सवाल खड़े हो रहे हैं. लेकिन इस मुद्दे पर भारतीय कप्तान रोहित शर्मा की राय थोड़ी अलग है.

रोहित शर्मा ने भारत में स्पिनरों की मददगार पिचों की वकालत करते हुए कहा कि ऐसी पिच टीम की ताकत है और संघर्ष कर रहे बल्लेबाजों को इस पर रन बनाने का तरीका ढूंढना होगा.

रोहित ने कहा कि नौ मार्च से अहमदाबाद में अंतिम टेस्ट में टीम स्पिनरों की मददगार पिच पर खेलना चाहेगी. रोहित ने तर्क दिया कि उनकी टीम ने ऐसी पिचों पर लगातार 15 सीरीज में जीत दर्ज की है.

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‘जीतते हैं तो सब अच्छा लगता है’

उन्होंने कहा, ‘हम आमतौर पर सीरीज से पहले तय करते हैं कि किस तरह की पिचों पर खेलना चाहेंगे. ऐसी पिचों पर खेलना हमारा फैसला था.

मुझे नहीं लगता कि हम बल्लेबाजों पर दबाव बना रहे हैं. जब हम जीतते हैं तो सब अच्छा लगता है. हमसे हमारी बल्लेबाजी के बारे में नहीं पूछा जाता.’

भारतीय कप्तान ने कहा,’जब हम हारते हैं तो इस बारे में बात की जाती है.हमने इस तरह की पिचों पर खेलने का फैसला किया है और हम जानते हैं कि हमें चुनौती दी जा सकती है, लेकिन हम इसके लिए तैयार हैं. रोहित ने आगे कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो पिच को लेकर बहुत ज्यादा बात हो रही है. जब हम भारत में खेलते हैं तो ध्यान केवल पिच पर होता है. मुझे नहीं लगता कि यह जरूरी है.

नागपुर-दिल्ली पिच की भी हुई थी आलोचना

इससे पहले नागपुर और दिल्ली की पिच की भी काफी आलोचना हुई थी. लेकिन इंदौर की पिच पर गेंद खेल की शुरुआत से ही काफी अधिक टर्न कर रही थी.

दिलीप वेंगसरकर, मैथ्यू हेडन और मार्क वॉ उन पूर्व क्रिकेटरों में से हैं, जिन्होंने कहा था कि पिच टेस्ट क्रिकेट के लिए अच्छी नहीं है. लगातार तीसरी बार मैच तीन दिन के अंदर खत्म हुआ.


लेकिन भारतीय कप्तान ने कहा, मुझे नहीं लगता कि पूर्व क्रिकेटर इस तरह की पिचों पर खेले हैं. इस तरह की पिचों पर हम खेलना चाहते हैं.

यह हमारी ताकत है. इसलिए जब आप घर में खेल रहे हों तो आप हमेशा अपनी ताकत से खेलते हैं और इस बात की चिंता नहीं करते कि लोग किस बारे में बात कर रहे हैं.’

‘बल्लेबाजों को कौशल दिखाना होगा’

रोहित ने कहा,’हमारी ताकत स्पिन गेंदबाजी और बल्लेबाजी की गहराई है.जब हम विदेश यात्रा करते हैं तो अन्य टीमें अपनी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाती है.’पूर्व खिलाड़ियों ने यह भी तर्क दिया है कि टेस्ट मैचों का पांच दिनों तक नहीं चलना इस खेल के लिए अच्छा नहीं है.

मैच जल्दी खत्म होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘मैं इसके बारे में क्या कह सकता हूं. मैच को पांच दिनों तक चलने के लिए खिलाड़ियों को अच्छा खेलना होगा.

भारत के बाहर भी मैच पांच दिनों तक नहीं चलता है. गुरुवार को दक्षिण अफ्रीका में तीन दिनों में खेल खत्म हो गया. यह कौशल के बारे में है.

लोगों को कौशल के अनुकूल होना होगा. अगर पिच गेंदबाजों की मदद कर रही हैं, तो बल्लेबाजों को अपना कौशल दिखाना होगा.