भगवान खुद चलके आयेगे आपके घर, करे इन मंत्रो का जाप, होगी सब मनोकामना पूरी 

'ओम श्रीं ओम ह्रीं श्रीं ओम ह्रीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय: नम: ' इस मंत्र का जाप करके करे पूजा । भगवान खुद चलके आयेगे आपके घर ।
 

हाइलाइट्स

सर्वार्थ सिद्धि, आयुष्मान योग समेत 6 शुभ योग में अक्षय तृतीया है.
लक्ष्मी-कुबेर पूजा का मुहूर्त: आज, प्रात: 07:49 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक.
सोना खरीदने का मुहूर्त: सुबह 07:49 बजे से कल सुबह 05:48 बजे तक.

आज 22 अप्रैल को वैशाख शुक्ल तृतीया को अक्षय तृतीया का महापर्व है. आज सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, आयुष्मान योग समेत 6 शुभ योग में अक्षय तृतीया है. अक्षय तृतीया के दिन माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और धनपति कुबेर की पूजा करते हैं. इनके आशीर्वाद से धन, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है. दरिद्रता और संकट दूर होते हैं. अक्षय तृतीया पर माता लक्ष्मी और धन के देव कुबेर को कैसे प्रसन्न करें ताकि पूरे जीवन धन की कमी न हो? काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जानते हैं अक्षय तृतीया के पूजन सामग्री, मुहूर्त, मंत्र और लक्ष्मी कुबेर पूजा की विधि.

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अक्षय तृतीया शुभ मुहूर्त 2023
वैशाख शुक्ल तृतीया ति​थि की शुरूआत: आज, शनिवार, सुबह 07 बजकर 49 मिनट से
वैशाख शुक्ल तृतीया ति​थि की समाप्ति: कल, रविवार, सुबह 07:47 बजे पर
लक्ष्मी-कुबेर पूजा का मुहूर्त: आज, प्रात: 07:49 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक
सोना खरीदने का मुहूर्त: सुबह 07:49 बजे से कल सुबह 05:48 बजे तक
आयुष्मान योग: आज प्रात:काल से लेकर सुबह 09:26 बजे तक, उसके बाद से सौभाग्य योग
त्रिपुष्कर योग: प्रात: 05:49 बजे से लेकर सुबह 07:49 बजे तक
अमृत सिद्धि, सर्वार्थ सिद्धि और रवि योग: सुबह 11:24 बजे से कल सुबह 05:48 बजे तक

अक्षय तृतीया पूजा सामग्री
एक चौकी, लाल या पीले रंग का वस्त्र, माता लक्ष्मी, कुबेर और गणेश जी की तस्वीर, अक्षत, लाल पुष्प, पीले फूल, अक्षत्, कमलगट्टा, रोली, चंदन, धूप, दीप, माला, चंदन, कुमकुम, सिंदूर, कमल का फूल या लाल गुलाब, कपूर, नारियल, पान का पत्ता, लौंग, इलायची, सुपारी, सोना, चांदी जौ, शंख, कौड़ी, इत्र, धनिया, दूर्वा, मखने की खीर, बताशा, दूध से बनी मिठाई, मोदक, लड्डू, नैवेद्य आदि.

अक्षय तृतीया 2023: लक्ष्मी, गणेश और कुबेर पूजा विधि
पूजा के शुभ मुहूर्त में गंगाजल से पूजा स्थान को पवित्र कर लें. उसके बाद एक चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर माता लक्ष्मी, गणेश जी और कुबेर की मूर्ति या तस्वीर को स्थापित कर दें. वहां पर सोना, चांदी या जौ को रखें. सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें. उनको अक्षत्, सिंदूर, चंदन, दूर्वा, पान, सुपारी, नारियल, धूप, दीप, फूल, फल, मोदक आदि अर्पित करें.

उसके बाद माता लक्ष्मी की पूजा करें. उनको कुमकुम, अक्षत्, कमल का फूल, गुलाब का फूल, कमलगट्टा, माला, हल्दी, धूप, दीप, नैवैद्य चढ़ाएं. उसके बाद मां लक्ष्मी को मखाने की खीर, बताशा य दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं. इसके बाद कुबरे की पूजा करें. उनको भी अक्षत्, चंदन, दूर्वा, कमलगट्टा, इत्र, लौंग, इलायची, सुपारी, धनिया, नैवेद्य, फल, फूल आदि अर्पित करें.

इसके बाद कनकधारा स्तोत्र या श्रीसूक्त और कुबेर चालीसा का पाठ करें. गणेश चालीसा पढ़ें. उसके बाद चाहें तो धन प्राप्ति कुबेर मंत्र या महालक्ष्मी मंत्र का जाप कमलगट्टे की माला से कर सकते हैं. मंत्र जाप के बाद गणेश जी, माता लक्ष्मी और कुबेर की आरती करें. पूजा के बाद तीनों से धन, सुख, समृद्धि प्रदान करने का आशीर्वाद लें.

महालक्ष्मी मंत्र
ओम श्रीं क्लीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा

धन प्राप्ति कुबेर मंत्र
ओम श्रीं ओम ह्रीं श्रीं ओम ह्रीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय: नम:.

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