UPS, OPS या NPS: रिटायरमेंट के समय UPS, OPS या NPS में से ज्यादा किसमें मिलेंगें रूपए? आसान शब्दों में समझिए...

What is UPS: यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को सरकारी कर्मचारियों की लंबी मांग के बाद मंजूरी दी गई है। 1 अप्रैल से लागू होने वाली यह पेंशन कर्मचारियों को अधिक फायदे देता है और ओपीएस और एनपीएस से अलग है। क्या आप जानते हैं?
 
 

Haryana Update : UPS vs. NPS vs. OPS: पिछले कई सालों से, सरकारी कर्मचारियों ने ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को बहाल करने की मांग की है। बीच का रास् ता न िकालते हुए सरकार ने करीब एक महीने पहले यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि कर्मचारियों के लिए यह योजना एनपीएस और ओपीसी की तरह है। लेकिन कुछ कर्मचारी संघ इससे संतुष्ट नहीं हैं और अभी भी पुरानी पेंशन को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। सरकार यूपीएस को 1 अप्रैल 2025 से लागू करेगा। इसके लागू होने से पहले, ओपीएस, एनपीएस और यूपीएस के बीच क्या अंतर है और कौन-सा आपको अधिक भुगतान देगा?


रिटायरमेंट से पहले के आखिरी बारह महीनों में, आपको नई पेंशन योजना के तहत एवरेज बेसिक सैलरी का 50% पेंशन के रूप में मिलेगा। यह लाभ केवल उसे मिलेगा जो कर्मचारी ने कम से कम 25 साल काम किया हो। नई पेंशन योजना से भी कई लाभ मिलते हैं। इसमें इंडेक्सेशनलिक्त इंफ्लेशन, ग्रेच्युटी, गारंटीड फैमिली, गारंटीड मिनिमम पेंशन और अतिरिक्त भुगतान शामिल हैं। लेकिन आप यूनिफाइड पेंशन स् कीम (UPS), न्यू पेंशन योजना (NPS) और ओल् ड पेंशन स् कीम (OPS) के बीच अंतर जानना चाहते हैं। आइए देखें कि कर्मचारी को किसमें अधिक लाभ मिलता है?


ओल्ड पेंशन योजना (OPS) के लाभ


रिटायरमेंट के समय कर्मचारी की सैलरी का 50% पेंशन के रूप में दिया जाना चाहिए, ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के तहत। OPS में जनरल प्राविडेंट फंड (GPF) भी है। इसमें कर्मचारी अपनी सैलरी के एक निश्चित हिस्से का निवेश कर सकता है, जो उनके निधन पर ब्याज के साथ वापस मिलता है। ओपीएस के तहत काम करने वाले व्यक्ति को अधिकतम 20 लाख रुपये की ग्रेच्युटी मिलने का हक है। ओपीएस कर्मचारी को सरकारी पेंशन मिलती है। रिटायर कर्मचारी की मौत पर उसके परिवार को पेंशन मिलती है। ओपीएस कर्मचारी की नौकरी के दौरान उनकी सैलरी से कोई कटौती नहीं होती। यह भी हर छह महीने में महंगाई राहत (DR) प्रदान करता है, जो बढ़ती कीमतों से राहत देता है।

न्यू पेंशन स्कीम (NPS) के तहत प्रावधान क्या हैं?


न्यू पेंशन स्कीम (NPS) के तहत कर्मचारी की मूल सैलरी का 10% और महंगाई भत्ता (DA) का 10% पेंशन निधि के लिए काटा जाता है। इसके अलावा, सरकार 14 प्रतिशत बेसिक सैलरी देती है। New Pension Scheme शेयर मार्केट से अलग है, जिसका सीधा अर्थ है कि सरकारी कर्मचारी की पेंशन बाजार के उतार-चढ़ाव पर गिरती है। यह पूरी तरह से फ्री नहीं है। इसमें म िलने वाली रकम पर टैक्स भी शामिल है। रिटायरमेंट पर पेंशन पाने के लिए एनपीएस (NPS) का 40% एन्युटी में निवेश करना चाहते हैं। NPS में रिटायरमेंट के बाद गारंटीड पेंशन नहीं दी जाती, जो लंबे समय से सरकारी कर्मचारियों का मुद्दा है। आपके पैसे का प्रदर्शन आपकी पेंशन पर निर्भर नहीं करेगा। OPS से उलट NPS में राहत के बाद महंगाई भत्ता (DA) नहीं मिलता।

यूनियन पेंशन स्कीम (UPS) की जानकारी


यूनियन पेंशन स्कीम (UPS) में पेंशन फंडिंग के लिए कर्मचारी की जिम्मेदारी नहीं होगी। इसमें सरकार कर्मचारियों की बेसिक सैलरी का 18.5 प्रतिशत देगी। गारंटीड पेंशन स्कीम में कम से कम 10 साल की नौकरी करने वाले कर्मचारी 10,000 रुपये की पेंशन पाने के हकदार होंगे। यूपीएस में रिटायरमेंट के समय ग्रेच्युटी के अलावा एकमुश्त राशि मिलती है। इसके तहत रिटायर होने वाले कर्मचारी अंतिम बारह महीने में एवरेज बेसिक सैलरी का 50% पेंशन के रूप में मिलेगा। यदि किसी कर्मचारी की रिटायरमेंट से पहले मौत हो जाती है तो उनके पति या पत्नी को 60% फैमिली पेंशन मिलेगा। यूपीएस (महंगाई भत्ता) के तहत इंफ्लेशन इंडेक् सेशन का लाभ मिलेगा। इसमें गारंटीड, फैमिली और मिनिमम पेंशन का चयन महंगाई दर के अनुसार किया जा सकेगा। कर्मचारियों को हर छह महीने में वेतन + DA का एक प्रतिशत एकमुश्त भुगतान के रूप में मिलता है।

किसमें अधिक पैसा मिलेगा या अधिक लाभ मिलेगा?


अब सरकार ने ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS), न्यू पेंशन स्कीम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को पेश कर दिया है। सरकारी कर्मचारियों से लेकर आम आदमी तक, लेकिन सबसे अधिक फायदेमंद कौन सी है, इस पर बहस हो रही है। UPS और NPS निश्चित रूप से बेहतर हैं। एमसीडी इंजीनियर एसोसिएशन के फोरम के अध्यक्ष नरेश शर्मा ने कहा कि यह कर्मचारियों के लिए एनपीएस से बहुत बेहतर है। पेंशन स्कीम के तहत पहले वॉलंट्री रिटायरमेंट 20 साल की नौकरी पर था, लेकिन अब यह 10 साल कर दिया गया है। ओल्ड पेंशन स्कीम में कर्मचारियों को जीपीएफ के तौर पर काफी पैसे मिलते हैं।

 

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