US में तेजी से फैल रहा खतरनाक वायरस

कैंडिडा ऑरिस फंगल इंफेक्शन है. ये तेजी से फैल रहा है. पहली बार इसका मामला 2016 में रिपोर्ट किया गया था मगर उसके बाद एक भी मामला सामने नहीं आया. रिपोर्ट में बताया गया है कि 2020-21 से ये बढ़ना शुरू हुआ है.

 

दुनिया में अब वायरस का नाम सुनते ही रूह कांप जाती है. कोरोना ने ऐसी तबाही मचाई 

कि उसके जख्म आ तक नहीं भरे. ऐसी-ऐसी भयावह कहानी सुनने में आईं कि दिल बैठ सा गया. एक बार फिर अमेरिका में एक खतरनाक वायरस को लेकर अलर्ट किया गया है.

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कि उसके जख्म आ तक नहीं भरे. ऐसी-ऐसी भयावह कहानी सुनने में आईं कि दिल बैठ सा गया. एक बार फिर अमेरिका में एक खतरनाक वायरस को लेकर अलर्ट किया गया है.

ये एक तरफ का फंगल इंफेक्शन है. जोकि काफी तेजी से शरीर में फैलता है. सीडीसी Centers for Disease Control and Prevention ने कहा है कि ये बहुत तेजी से फैल रहा है. अगर इसी रफ्तार से ये फैलता तो जल्द ही पूरे देश को अपनी जद में ले सकता है.

सीडीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस घातक फंगल इंफेक्शन का इलाज करना बहुत मुश्किल है. इससे भी चिंतनीय बात है कि बहुत तेजी से लोगों को अपनी जद में ले रहा है. 2021 में अमेरिका में 756 से 1471 मामले बढ़ गए. जोकि दोगुने है.

इस वायरस का नाम कैंडिडा ऑरिस (Candida Auris) है. इसको लेकर वॉल स्ट्रील जनरल में एक और रिपोर्ट जारी की गई है. इसमें बताया गया है कि 2022 में इस फंगल इंफेक्शन ने 2377 लोगों को संक्रमित किया है.

इसको लेकर भी जो बातें सामने आ रहीं है वो कोरोना के वक्त आई थी. जैसे कोरोना वायरस के बारे में कहा गया था कि जिसका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है ये वायरस उसको ज्यादा प्रभावित करता है. उसी तरह इसको लेकर भी कहा जा रहा है. एक रिपोर्ट में बताया गया है

कि जिसका इम्यून सिस्टम कमजोर है या वो किसी बीमारी से ग्रसित है तो ये संक्रमण पहले उसके शरीर में प्रवेश कर रहा है. स्वस्थ्य मनुष्य के शरीर में ये उतना हावी नहीं हो पाता. जो मरीज वेंटिलेटर या उनको कोई गंभीर बीमारी है ये उनको पहले प्रभावित करता है.

अभी तक इस वायरस के बारे में बहुत सारी जानकारी नहीं है लेकिन इसमे डेथ रेट 60 फीसदी है. मरीजों को अस्पताल और केयर होम्स में भर्ती किया गया है. CDC epidemiologist Dr Meghan Lyman का कहना है कि तीन में से एक व्यक्ति की मौत हो रही है. ये बहुत ही

. अभी ये क्लियर नहीं हो पा रहा है कि ये डायरेक्ट शरीर के किस पार्ट को इफेक्ट कर रहा है. 2016 में पहली बार यूएस में इस वायरस के होने की सूचना मिली थी मगर इसके बाद कोई सूचना नहीं मिली. 2020-21 में तेजी से फैला है. 2022 में इसके मामले में और तेजी से फैले. WHO भी इसके बारे में अलर्ट कर चुका है.