Savita Kanswal: Avalanche में बर्फ में दबकर हुई एवरेस्ट विजेता सविता कंसवाल की मौत

उत्तराखंड के डीजीपी ने सविता कंसवाल की मौत की जानकारी दी, उन्होंने बताया, आज मौसम साफ था इसलिए SDRF, ITBP और NIM की टीम को एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर से भेजा गया।
 

Uttarakhand News: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के माउंट द्रौपदी पर मंगलवार(Tuesday on Mount Draupadi in Uttarkashi district)  को आए एवलांच(Avalanche) में एवरेस्ट विजेता सविता कंसवाल(Everest winner Savita Kanswal)  की मौत हो गई है। अब तक जो शव बरामद हुए हैं, उनमें सविता कंसवाल(Savita Kanswal) का शव भी शामिल है।

बर्फ में दबने की वजह से Savita Kanswal की मौत हो गई है।

अब तक 10 शव मिल चुके हैं। उत्तराखंड के डीजीपी ने जानकारी दी, उन्होंने बताया, आज मौसम साफ था इसलिए SDRF, ITBP और NIM की टीम को Airforce के हेलिकॉप्टर से भेजा गया।

6 शव बरामद हो चुके हैं। बरामद हो चुके शवों की संख्या अब तक 10 तक पहुंच गई है। 20 लोग लापता हैं और राहत एवं बचाव अभियान जारी है।

राहत एवं बचाव कार्य जारी(Relief and rescue work continues)

डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी(disaster management authority)  ने कहा कि स्टेट डिजास्टर रेस्पॉन्स टीम (SDRF) के पांच कर्मियों, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के तीन ट्रेनर्स की टीम को Relief and rescue work के लिए संस्थान के डोकरानी बमक ग्लेशियर आधार शिविर(Dokrani Bamak Glacier Base Camp) में उतारा गया।
उत्तर प्रदेश के सरसावा स्थित भारतीय वायुसेना के बेस से दो हेलीकॉप्टरों ने भी हिमस्खलन स्थल का निरीक्षण किया और उसके बाद ये हर्षिल हेलीपैड पर लौट गए।

कहां हुआ हादसा(where did the accident happen)

संस्थान के प्राचार्य कर्नल अमित बिष्ट(Principal Col Amit Bisht)  ने कहा कि हिमस्खलन सुबह करीब पौने नौ बजे लगभग 17,000 फुट की ऊंचाई पर तब हुआ जब उत्तरकाशी स्थित NIM के 34 ट्रेनी पर्वतारोहियों और सात प्रशिक्षकों का एक दल शिखर से वापस लौट रहा था।
कर्नल बिष्ट ने कहा कि हिमस्खलन के बाद टीम के सदस्य हिम-दरारों में फंस गए।(Col Bisht said that after the avalanche the team members got stuck in the snow-crevices.)

देखे गए हैं 10 शव(10 dead bodies seen)

उन्होंने कहा कि दस शव देखे गए हैं, जिनमें से चार बरामद कर लिए गए हैं।उन्होंने कहा कि अंधेरे और खराब मौसम के कारण रात में बचाव कार्य रोक दिया गया है।
उत्तरकाशी आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल(Uttarkashi Disaster Management Officer Devendra Patwal) ने पहले दिन में कहा था कि फंसे हुए लोगों में से आठ को बचा लिया गया है।
इस घटना पर पीएम नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, गृह मंत्री अमित शाह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी(PM Narendra Modi, Congress leader Rahul Gandhi, Home Minister Amit Shah and Uttarakhand Chief Minister Pushkar Singh Dhami) ने शोक जताया है।