Odisha Train Accident Report: Odisha में हुए हदसे पर CRS ने किया एक बड़ा खुलासा- बताया हादसे के पीछे किसकी थी गलती

Balasore Train Accident CRS Probe: आपको बता दे कि बालासोर में हुए ट्रेन हादसे पर सीआरएस ने जांच की और रीपोर्ट बनाई है और उन्होने अभी तक किसी को इस रिपोर्ट के बारे में कुछ भी नहीं बताया है. अभी तक इस बात को सार्वजनिक नहीं किया है. ऐसा उन्होने इस लिए किया है ताकि इसके बीच में कोई ना आए. हम पता चला है कि CRS ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि इस पुरे मामले के पिछे ‘सिग्नलिंग और टेलीकॉम विभाग’ और 'यातायात विभाग' में ड्यूटी पर रहे अधिकारियों की गलती बताई है.

 

Haryana Update: भारतीय रेल बालासोर ट्रेन हादसे (Balasore Train Accident) पर सीआरएस (Commissioner of Railway Safety) की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं करेगी, ताकि यह सुनश्चित हो सके कि उससे दुर्घटना की सीबीआई जांच प्रभावित ना हो.

वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी. हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

मगर कुछ सूत्रों का कहना है कि रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दुर्घटना ‘सिग्नलिंग और टेलीकॉम विभाग’ तथा यातायात विभाग के ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों की मानवीय गलती के कारण हुई है.

सूत्रों के मुताबिक अधिकारी ट्रेनों के संचालन के लिए तय मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करने में असफल रहे.

रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ‘हम सीआरएस रिपोर्ट पर कोई खुलासा नहीं करेंगे. क्योंकि सीबीआई की एक स्वतंत्र जांच चल रही है.

ऐसा यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि रिपोर्ट दूसरी जांच को किसी भी रूप में प्रभावित न कर सके. हम दोनों रिपोर्टों पर संज्ञान लेंगे और दुर्घटना का सम्पूर्ण आकलन करेंगे तथा हरसंभव कदम उठाएंगे.’

घटना की जांच कर रहे दक्षिण पूर्वी सर्किल के सीआरएस एएम चौधरी ने गुरुवार को रेलवे बोर्ड को अपनी रिपोर्ट सौंपी.

बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों ने शुक्रवार को रिपोर्ट पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया और कई लोगों ने दावा किया कि उन्होंने अभी तक रिपोर्ट पढ़ी ही नहीं है.

सामान्य तौर पर ऐसे रिपोर्ट शीर्ष अधिकारियों के लिए उपलब्ध होती है. सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की लीक न हो. 

गौरतलब है कि ओडिशा के बालासोर जिले में हुए भीषण रेल हादसे के कुछ हफ्तों बाद रेलवे ने दक्षिण पूर्व रेलवे (एसईआर) के पांच शीर्ष अधिकारियों का तबादला कर दिया था.

जिनमें संचालन, सिग्नल प्रणाली और सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अधिकारी भी शामिल हैं. इस हादसे में 280 से भी अधिक लोगों की मौत हो गई थी. हालांकि रेलवे ने इन तबादलों को नियमित प्रक्रिया बताया था.

जबकि इस कार्रवाई को देश में करीब तीन दशक में हुए सबसे भयावह रेल हादसे के परिणाम के तौर पर देखा गया.

रेलवे बोर्ड ने खड़गपुर डिविजनल रेल प्रबंधक शुजात हाशमी और दक्षिण पूर्व रेलवे ‘जोन’ के प्रधान मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर पी.एम. सिकदर, प्रधान मुख्य सुरक्षा अधिकारी चंदन अधिकारी, प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त डी बी कासर, और मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक मोहम्मद ओवैस का तबादला कर दिया था.

जबकि दक्षिण पूर्व रेलवे ‘जोन’ के अतिरिक्त महाप्रबंधक अतुल्य सिन्हा का तबादला भी पहले ही कर दिया गया था. जिसे बालासोर ट्रेन दुर्घटना के बाद पहली सबसे बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा था.

गौर करने कि बात तो ये है कि 2 जून को बालासोर के बाहानगा बाजार स्टेशन के पास हुए रेल हादसें में 280 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और करीब 1,000 अन्य घायल हुए थे.

इस दुर्घटना में तीन रेलगाड़ियां–बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी शामिल थीं.