Anaj Rate Increase: महंगाई ने पार की सारी रेखा, पिछले महीने 6.52 प्रतिशत रही इंफ्लेशन
सरकार ने सोमवार को कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) पर आधारित खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation Rate) के आंकड़े जारी कर दिए. ये भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अधिकतम सीमा से भी ऊपर है.
भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से खुदरा महंगाई दर को 4 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य तय किया गया है. वहीं महंगाई दर का दायरा 2 से 6 प्रतिशत के बीच रखने की सीमा है. जनवरी से पहले दिसंबर 2022 में रिटेल इंफ्लेशन 5.72 प्रतिशत पर थी.
खाने-पीने की चीजों के बढ़े दाम
देश के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में करीब 40 प्रतिशत हिस्सेदारी सिर्फ Food Price Index की है. इसका मतलब ये हुआ कि खाने-पीने की चीजों के दाम देश में महंगाई को बढ़ाने या घटाने का एक बड़ा फैक्टर है. अगर जनवरी 2023 के आंकड़ों को देखा जाए तो जनवरी में फूड इंफ्लेशन रेट 5.94 प्रतिशत रहा है. जबकि दिसंबर 2022 में खाद्य महंगाई दर 4.19 प्रतिशत थी.
सब्जियां सस्ती, अनाज-दाल महंगे
अगर फूड प्राइस इंडेक्स को डिटेल में समझें तो जनवरी में सब्जियों की कीमत घटी है. सब्जियों की कैटेगरी में महंगाई दर 11.70 निगेटिव में रही है. वहीं अनाज और अन्य खाद्यान्न कैटेगरी में दाम बढ़े हैं और महंगाई दर 16.12 प्रतिशत रही है.
इतना ही नहीं दूध और अन्य डेयरी उत्पादों की महंगाई दर 8.79 प्रतिशत, अंडे की 8.78 प्रतिशत, मीट और मछली की 6.04 प्रतिशत, मसालों की 21.09 प्रतिशत और दालों और अन्य उत्पादों की 4.27 प्रतिशत रही है.