Trending News: स्कूल नहीं जाना चाहती थी बेटी तो कोर्ट ने मां पर लगा दिया 10 हजार रुपये का जुर्माना

Viral News: पीड़ित महिला का कहना है कि उसकी 14 वर्षीय बेटी मैसी वेस्टमिंस्टर में पिमलिको स्कूल में पढ़ती है, लेकिन वह स्कूल नहीं जाना चाहती. वह लगातार उसे मना रही है ताकि वह स्कूल जा सके. लेकिन मैसी चिंता और डिप्रेशन से जूझ रही है, ऐसे में वह स्कूल किसी कीमत पर नहीं जाना चाहती है. 
 

Latest Trending News: कोरोना ने लोगों को दो साल से भी ज्यादा समय तक घरों में कैद रखा. लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण फैलने के खतरे की वजह से दुनिया के अधिकतर देशों में स्कूल और कॉलेज भी इन दो साल में अधिकतर समय बंद रहे.

बच्चों की क्लास ऑनलाइन चलती रही. हालात सामान्य होने के बाद स्कूल व कॉलेज खुले. अधिकतर बच्चे खुशी-खुशी स्कूल जाने लगे तो कुछ अब जाने से कतराते हैं. इसी कड़ी में एक बच्चे के स्कूल न जाने की सजा उसके पैरेंट्स को उठानी पड़ी.

दरअसल, ब्रिटेन में 14 साल की एक लड़की स्कूल नहीं जाना चाहती थी. ऐसे में कोर्ट में उसकी मां पर 120 पाउंड यानी करीब साढ़े दस हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया है.

 

क्या है मामला


मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित महिला का नाम नताशा ब्यूवोइस है. महिला का कहना है कि उसकी 14 वर्षीय बेटी मैसी वेस्टमिंस्टर में पिमलिको स्कूल में पढ़ती है, लेकिन वह स्कूल नहीं जाना चाहती.

वह लगातार उसे मना रही है ताकि वह स्कूल जा सके. लेकिन मैसी चिंता और डिप्रेशन से जूझ रही है, ऐसे में वह स्कूल किसी कीमत पर नहीं जाना चाहती है. जैसे ही हम स्कूल जाने की बात करते हैं वह उसे घबराहट होने लगती है. वह अजीब सा महसूस करती है.

 

अभिभावक परेशान, जुर्माना हम पर क्यों

नताशा का मामला जब कोर्ट में पहुंचा तो सिटी ऑफ़ लंदन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 120 पाउंड का जुर्माना लगाया. नताशा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ‘वो कोविड के बाद से ठीक से स्कूल नहीं जा रही है.

वह स्कूल नहीं जाना चाहती. मैं क्या कर सकती हूं? वह सिर्फ स्कूल के नाम पर सॉरी कहती है. हम लोग लगातार उसे समझा रहे हैं ताकि वह स्कूल जा सके. लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं है.

ऐसे में ये अनुचित है कि इस बात के लिए पैरेंट्स पर जुर्माना लगाया जाए.

स्कूल ने नहीं किया कुछ


नताशा का कहना है कि वह लगातार स्कूल जाने के लिए अपनी बेटी को समझा रही हैं. वह तमाम कोशिशें कर रही हैं, लेकिन स्कूल ने मदद करने के लिए अभी तक कुछ भी नहीं किया है. स्कूल ने कभी न तो उसे समझाने की कोशिश की और न उसकी काउंसलिंग की.