Modi Cabinet मे बड़ा फेरबदल, अब इस नेता को बनाया गया कानून मंत्री
Haryana Update, New Delhi: मोदी कैबिनेट में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है. किरेन रिजिजू की जगह अर्जुन राम मेघवाल को कानून और न्याय मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया है.
अबतक केंद्रीय कानून मंत्रालय का नेतृत्व कर रहे किरेन रिजिजू को भू-विज्ञान मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया है. मेघवाल फिलहाल मोदी सरकार में संस्कृति मंत्रालय में राज्यमंत्री हैं.
राष्ट्रपति भवन ने एक विज्ञप्ति में यह सूचना दी. इसमें कहा गया कि राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्यों को फिर से विभागों का आबंटन किया है. इसके अनुसार, रिजिजू को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय का प्रभार दिया गया है और मेघवाल को विधि एवं न्याय मंत्रालय में राज्यमंत्री का पद दिया गया है.
विधानसभा चुनाव से पहले मेघवाल का कद बढ़ा
राजस्थान के बीकानेर से अर्जुन राम मेघवाल सांसद है. इस साल के आखिर में राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने हैं. बीजेपी ने चुनावों से पहले मेघवाल को केंद्रीय कानून मंत्रालय की महत्वपूर्ण पदवी दी है. बीजेपी में दलित चेहरों में से एक अर्जुन मेघवाल हैं. वे मोदी सरकार के शुरूआती दौर में केंद्रीय वित्त राज् य मंत्री का पोर्टफोलियो संभाल चुके हैं.
कानून मंत्रालय ने किरेन रिजिजू को वापस लिया क्यों?
किरेन रिजिजू अरुणाचल प्रदेश के मूल निवासी हैं. वे अरुणाचल पश्चिम संसदीय क्षेत्र से चुने गए हैं. जुलाई 2021 में, रविशंकर प्रसाद से कानून मंत्रालय का कार्यभार लेकर रिजिजू को इस पद पर नियुक्त किया गया. किरेन रिजिजू के पिछले बयानों को लेकर उन पर गाज गिरी है. उनके भाषणों से लगता था कि लोकतंत्र के हर हिस्से में संघर्ष चल रहा है. उनके बयानों ने कई बार असहज हालात भी पैदा किए.
कानून मंत्री बनने के बाद से, रिजूजू ने न्यायपालिका की आलोचना की है. वे पूर्व जजों की ऐक्टिविस्टों के साथ साठगांठ और जजों की नियुक्ति के कॉलोजियम प्रणाली पर टिप्पणी कर चुके हैं. इस पर काफी बहस हुई.
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पिछले नवंबर में सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की पीठ ने रिजिजू की टिप्पणियों पर भी नाराजगी जताई थी. दो जजों की पीठ ने कहा कि सरकार शायद जजों की नियुक्ति नहीं करेगी क्योंकि एनजेएसी को मंजूरी नहीं दी गई.
नंवबर 2022 में, रिजिजू ने कहा कि जजों की नियुक्ति का कॉलेजियम प्रणाली संविधान से अलग है. उनका कहना था कि लोग कॉलेजियम व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. बाद में उन्होंने कहा कि पूर्व जजों और ऐक्टिविस्टों ने भारत विरोधी संगठन बनाया है. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और किरेन रिजुज की टिप्पणियों के खिलाफ भी एक पीआईएल दायर की गई थी.
दो दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस पीआईएल को खारिज कर दिया था. केंद्र सरकार ने भी हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से शिकायत की है. LG v. Delhi Government मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार का पक्ष लिया. विधानसभा चुनावों के दौरान न्यायपालिका और सरकार के बीच शांति रही है, इसलिए शायद अर्जुन राम मेघवाल को कानून मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार दिया गया है.
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